BREAKING देवभूमि में मंत्री के पति का बड़ा कांड!| Rekha Arya | Girdhari Lal Sahu | Uttarakhand News

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दोस्तो, उत्तराखंड की राजनीति में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं! महिला कल्याण मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप हैं मारपीट, धमकी और जातिसूचक गालियां देने के। सवाल ये है—जब प्रदेश की एक मंत्री के मामले में ऐसे आरोप सामने आए हैं, तो इस पूरे विवाद की असली कहानी क्या है? आखिर मामला यहां तक कैसे पहुंचा? और अब इस सियासी घटनाक्रम के क्या मायने निकलेंगे? दोस्तो ये खबर बेहद हेरान करने वाली है, क्योंकि यहां मंत्री ने रोते हुए जो आपबीती का जिक्र किया उसने पूरे उत्तराखंड में हड़कप मचाने का काम किया है, लेकिन अचानल शादी के तकरीबन 22 साल बाद ऐसा क्या हुआ कि उत्तराखंड की महिला कल्याण मंत्री को ही खतरा पैदा हो गया और वो भी अपनी ही पति से। दो जो मंत्री पूरे सूबे की महिलाओं के सशक्तिकरण का जिम्मा संभालती हैं, जो खुद आधी आबादी को सुरक्षा देने की कसमें खाती हैं। आज जब उसी महिला मंत्री का स्वाभिमान, उनकी अस्मिता और उनके बच्चों की जान खतरे में आ जाए, तो सोचिए इस व्यवस्था का क्या होगा? जी हां! देवभूमि उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने ही पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में एक-दो नहीं, बल्कि संगीन धाराओं में महा-मुकदमा दर्ज करा दिया है! मंत्री जी ने खुद सोशल मीडिया पर लाइव आकर रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और पति के वो खौफनाक ऑडियो क्लिप्स लीक कर दिए, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए! क्या है इस हाई-प्रोफाइल घरेलू प्रताड़ना का पूरा सच और क्या मंत्री के पति अब सलाखों के पीछे जाएंगे? क्योंकि पुलिस ने तहकीकात मामले की शुरू कर दी है।

दोस्तो यह राजनीति का वो सबसे कड़वा और भावुक चेहरा है, जहां कैमरे के सामने हमेशा मुस्कुराने वाली और विपक्ष पर दहाड़ने वाली कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य फूट-फूटकर रोती हुई नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा—‘इस ऑडियो ने मुझे झकझोर दिया है। मेरे वैवाहिक जीवन के समर्पण पर प्रश्न लगा दिया है। महिला आम हो या खास, घरेलू अत्याचार न सहना है, न सहना है, बल्कि उसे कहना है!’ मंत्री रेखा आर्य ने देहरादून के कैंट थाने में तहरीर देकर अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें BNS की 10 गंभीर धाराएं और एससी-एसटी एक्ट की 3 धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं– दोस्तो मंत्री द्वारा दर्ज कराई गई इस एफआईआर में जो 10 बड़े और खौफनाक आरोप लगाए गए हैं, वे किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं। रेखा आर्या का पहला आरोप, गिरधारी लाल ने साल 2004 में अपनी पहली शादी और बच्चों की बात छिपाकर रेखा आर्य से धोखाधड़ी से विवाह किया था। रेखा आर्या का पहला आरोप, आरोपी पति के अन्य महिलाओं से अवैध संबंध हैं, और जब मंत्री ने इसका विरोध किया तो उनके साथ बेरहमी से मारपीट और गाली-गलौज की गई। रेखा आर्या का तीसरा आरोप, आरोपी ने सरकारी आवास में ऑन-ड्यूटी स्टाफ के सामने मंत्री रेखा आर्य के खिलाफ अपमानजनक जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया. इतना ही नहीं, कारोबारी मामलों में धोखाधड़ी करते हुए फर्जी हस्ताक्षर और कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर मंत्री को उनकी ही कंपनियों के निदेशक (डायरेक्टर) पद से हटाने की साज़िश भी रची गई.” लेकिन दोस्तो यहां सोचने वाली बात ये भी कि जिस बात ने मंत्री को पुलिस के पास जाने और बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाने पर मजबूर किया, वो था एक कथित लीक ऑडियो क्लिप। मंत्री रेखा आर्य ने सोशल मीडिया पर दो ऑडियो साझा किए हैं, जिसमें कथित तौर पर उनके पति गिरधारी लाल साहू और उनकी कथित महिला मित्र कल्पना मिश्रा के बीच की बातचीत है।

ऑडियो में महिला रेखा आर्य को रास्ते से हटाने यानी ‘गोली मारने’ की बात कहती सुनाई दे रही है, जिस पर गिरधारी लाल साहू बेखौफ होकर कह रहे हैं कि—‘जितने पैसे लगेंगे, मैं लगाऊंगा। वह हमेशा मंत्री नहीं रहेंगी, सिर्फ 3-4 महीने की बात है, हमारा हिस्सा-बंटवारा होने दो, दस्तखत हो जाएंगे फिर मैं मोर्चा लूंगा!’ इस ऑडियो ने साबित कर दिया कि साहिब के इरादे कितने खतरनाक थे। दोस्तो इस पूरे हाई-वोल्टेज और दिल दहला देने वाले घटनाक्रम के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के सीने में तेज़ दर्द उठा और उनका ब्लड प्रेशर डेंजर ज़ोन में पहुंच गया, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में देहरादून के कृष्णा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जैसे ही कैबिनेट मंत्री पर हमले और साज़िश की खबर फैली, देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल खुद भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और मंत्री का हाल जाना। एसएसपी ने मीडिया को साफ किया कि मामला बेहद संवेदनशील है, मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और ऑडियो की फॉरेंसिक जांच समेत सभी तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। इधर, विपक्ष और उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने भी इस मामले को लपकते हुए आरोपी पति के पुराने विवादित और आपराधिक इतिहास (जैसे 1990 का बरेली जैन दंपत्ति हत्याकांड) को खंगालना शुरू कर दिया है। दोस्तो तो अब सवाल यही खड़ा है कि आगे क्या होगा? क्या देवभूमि की पुलिस अपनी ही कैबिनेट मंत्री को इंसाफ दिलाने के लिए उनके रसूखदार पति को गिरफ्तार करेगी? या फिर रसूख के इस खेल में यह मामला भी रफा-दफा हो जाएगा? इस पूरे चौंकाने वाले कांड और मंत्री रेखा आर्य के इस साहसिक कदम पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।