Uttarakhand: UCC विधेयक पास होने के बाद शादी-तलाक और उत्तराधिकार पर बदल जाएंगे ये नियम

उत्तराखंड समान नागरिक संहिता के शुरू होने के बाद राज्य में कई नियम बदल जाएंगे। आईए एक नजर डालते है..

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उत्तराखंड विधानसभा में आज समान नागरिक संहिता विधेयक पेश कर दिया गया है। जिसको आज ही धामी सरकार पास करवाकर राजभवन भेज सकती है। UCC in Uttarakhand इसके बाद राज्यपाल की मुहर लगते ही ये कानून बन जाएगा और यूसीसी लागू हो जाएगा। इस तरह से यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा। हालांकि अभी से इसके लागू होने के बाद बदलने वाले नियमों और कानूनों को लेकर बहस शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, मसौदे में 400 से ज्यादा धाराएं हैं, जिसका लक्ष्य पारंपरिक रीति-रिवाजों से पैदा होने वाली विसंगतियों को दूर करना है।

बदल जाएंगे कई नियम

  • समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लागू होने के बाद बहुविवाह पर रोक लग जाएगी और बहुविवाह पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।
  • लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 21 साल तय की जा सकती है।
  • लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों के लिए पुलिस में रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।
  • लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों को अपनी जानकारी देना अनिवार्य होगा और ऐसे रिश्तों में रहने वाले लोगों को अपने माता-पिता को जानकारी प्रदान करनी होगी।
  • विवाह पंजीकरण नहीं कराने पर किसी भी सरकारी सुविधा से वंचित होना पड़ सकता है।
  • मुस्लिम महिलाओं को भी गोद लेने का अधिकार होगा और गोद लेने की प्रक्रिया सरल होगी।
  • पति और पत्नी दोनों को तलाक की प्रक्रियाओं तक समान पहुंच प्राप्त होगी।
  • नौकरीपेशा बेटे की मृत्यु की स्थिति में बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण की जिम्मेदारी पत्नी पर होगी और उसे मुआवजा मिलेगा।
  • पति की मृत्यु की स्थिति में यदि पत्नी पुनर्विवाह करती है तो उसे मिला हुआ मुआवजा माता-पिता के साथ साझा किया जाएगा।
  • अनाथ बच्चों के लिए संरक्षकता की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
  • पति-पत्नी के बीच विवाद के मामलों में बच्चों की कस्टडी उनके दादा-दादी को दी जा सकती है।