दोस्तो, उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर डराना शुरू कर दिया है। अगले 24 घंटे प्रदेश के लिए बेहद भारी पड़ सकते हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, जबकि प्रदेशभर में अभी भी 195 सड़कें बंद होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। पूरी खबर सुबह-सुबह कैसे दिखाई दिया प्रशासन का बड़ा अलर्ट बताउंगा आपको। दोस्तो लगातार हो रही बारिश से नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, पहाड़ दरक रहे हैं, भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और कई इलाकों में आवाजाही मुश्किल हो गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। आखिर किन-किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा है? कहां स्कूल-कॉलेज बंद किए गए हैं? कौन-कौन से राष्ट्रीय और राज्य मार्ग अभी भी प्रभावित हैं? और अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग ने क्या बड़ी चेतावनी जारी की है?
दोस्तो लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देश पर दून पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों को संवेदनशील स्थानों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों में लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के चलते बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुलिस लाउड हेलर के माध्यम से लोगों को नदी-नालों के किनारे न जाने की चेतावनी दे रही है। जिन स्थानों पर खतरा अधिक है, वहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। एसएसपी स्वयं हालात की निगरानी कर रहे हैं और सभी थाना प्रभारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन दोस्तो इधर दून पुलिस ने आमजन से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचें, प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य किया जा सके। इधर मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट पर जिला प्रशासन ने संघान लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग एवं नेशनल डिजास्टर अलर्ट पोर्टल द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 10 जुलाई 2026 को जनपद देहरादून में कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली तथा तेज वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। इस संबंध में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
दोस्तो छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी, देहरादून, डॉ आशीष चौहान, द्वारा जनपद के कक्षा 1 से 12 तक संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में दिनांक 10 जुलाई 2026 को एक दिवस का अवकाश घोषित किया गया है। ये सब इस लिए क्योंकि पूरे उत्तराखंड से डराने वाली तस्वीरें आ रही है। दोस्तो पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब पिथौरागढ़ जिले में कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर भी दिखाई देने लगा है। बारिश के दौरान कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में तम्पा मंदिर के पास अचानक पहाड़ी दरक गई , जिससे मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए, जिसके चलते यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मार्ग को खोलने के प्रयास में जुट गई है, प्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्ग को जल्द ही सुचारू कर लिया जाएगा – पहाड़ों पर बरसात में सड़क पर बेहद संभल कर चलें। देखें कैसे तेज़ी से कारें गुजरने लगी लेकिन पहाड़ से उससे भी तेज़ी से पत्थर नीचे गिरे। समय रहते दूसरी कार रुक गई, नहीं तो हादसा हो जाता। दोस्तो किन्नौर के लिप्पा मे गाद और मलवे की आई बाढ़ के बाद निचले रिहायशी इलाको में गांव की गलियों में इस तरह का हैं हाल और उत्तराखंड में तो कुछ है हाल हैं।
तो दोस्तो उत्तराखंड का श्रीनगर फ़रासू मार्ग बाहरी बारिश के बाद आईं लैंडस्लाइड से बाधित हो गया। दोस्तो लोग इतने डरे हुए सहमे है कि अब लोग बाड-गाढ से प्रर्थना कर रहे हैं। दोस्तो, पहाड़ों में जब प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है, तो वहां के लोग सिर्फ प्रशासन या मशीनों पर ही नहीं, बल्कि अपनी आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं पर भी भरोसा करते हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से सामने आई ये भावुक तस्वीर उसी अटूट विश्वास की मिसाल है। उफनती नदी के किनारे एक महिला पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार नदी को आटा अर्पित कर प्रार्थना कर रही हैं कि जलधारा शांत हो जाए, सभी लोग सुरक्षित रहें और किसी तरह की जन-धन की हानि न हो। यह कुल्लू की लोक संस्कृति और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। मान्यता है कि ऐसी प्रार्थनाओं के माध्यम से लोग प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं और संकट की घड़ी में ईश्वर से सबकी कुशलता की कामना करते हैं। यह दृश्य केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि पहाड़ और प्रकृति के साथ लोगों के गहरे भावनात्मक और सांस्कृतिक रिश्ते को भी दर्शाता है। दोस्तो, उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार गहराता जा रहा है। भारी बारिश के चलते सड़कें बंद हैं, भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं और एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूल-कॉलेज भी बंद किए गए हैं। ऐसे में मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। यदि आपको बेहद जरूरी काम न हो, तो अनावश्यक यात्रा से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और मार्ग की ताजा जानकारी जरूर लें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल हमारी यही कोशिश है कि उत्तराखंड से जुड़ी हर महत्वपूर्ण और विश्वसनीय जानकारी सबसे पहले आप तक पहुंचाते रहें।