Badrinath के चंदा चोर पर किसकी कृपा? | BKTC | Pramod Nautiyal | Hemant Dwivedi | Uttarakhand News

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दोस्तो, बद्रीनाथ मंदिर से चंदा चोरी हो गया, लेकिन अब तक किसी की भी ना गिरफ्तारी हुई और ना कोई जवाबदेही दिखाई दे रहे हैं। हां कहने के लिए एक नहीं दो दो जांचे चल रही हैं, लेकिन धाम का पैसा खाने वाले प्रमोद नोटियाल और कथित तौर पर उनके साथी मौज में हैं। Badrinath Dham Theft Case कैसे दोस्तो बद्रीविशाल के चंदा चोर बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के पीए प्रमोद नौटियाल पर रही बल विशेष कृपा, अब ऐसे खुली है पोल। दोस्तो बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित हेराफेरी के मामले ने अब कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में एक कर्मचारी पर आरोप लगने के बाद भी लंबे समय तक किसी को भनक नहीं लगी? वहीं दोस्तो सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि जिस कर्मचारी पर कार्रवाई हुई, क्या वह अकेले इतना बड़ा काम कर सकता था, या फिर जांच में और भी तथ्य सामने आ सकते हैं? आखिर किस आधार पर उस पर लंबे समय तक भरोसा कायम रहा? क्या आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था पूरी तरह विफल रही? इन तमाम सवालों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय हाईलेवल जांच समिति गठित कर दी है, जिसे 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, लेकिन मै आपको ये बताने के लिए आया हूं कि प्रमोदी नौटियाल पर कैसे विशेष कृपा थी या कहुं बरस रही थी। मै आपको इस सवाल का जवाब बताने से पहले प्रदेश के मुख्यंत्री धीमी का इस मामले में ताजा बयान दिखाना चाहता हूं।

तो सुना आपने दोस्तो एक तरफ चंदा चोर प्रमोद नोटियाल पर कृपा दर कृपा होती रही है और आज सवाल के जवाब धामी जी को देने पड़ रहे हैं खैर दोस्तो बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार ने मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है और दोषियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है, इसलिए इस तरह की गड़बड़ियों की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच समिति निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की पड़ताल करेगी और “दूध का दूध, पानी का पानी” कर देगी, लेकिन दोस्तो कैसे प्रमोद नोटियाल खासम खास था और वो कौन सी कृपा रही कि वो इतनी हिम्मत जुटा पाया कि चंदे में ही खेल कर दिया। हैरान रह जाएंगे आप, दोस्तो हेराफेरी के आरोपों से घिरे बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सहायक नौटियाल का करियर ग्राफ मंदिर समिति की कृपा से तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2014 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के एकल पद पर नियुक्त हुए, जिस पर पदोन्नति संभव नहीं थी। इसके बावजूद 2018 में उन्हें सीधी भर्ती वाले व्यक्तिगत सहायक पद पर समायोजित किया गया। इसके लिए 2023 में नियमावली में बदलाव कर जनसंपर्क विशेष अधिकारी के पद पर प्रोन्नति का मार्ग प्रशस्त किया गया। निजी सहायक होने के बावजूद, उन्हें चढ़ावा गणना कार्य में तैनात किया गया।

अब दोस्तो सबके साथ तो ऐसा नहीं होता। सब पर तो ऐसी कृपा नहीं बरसती बल फिर प्रमोद नोटियाल में ऐसा क्या है और वो कौन है जो नोटियाल को पहले चमका रहा है और आज बचाने का काम कर रहा है, ये मै क्यों कह रहा हूं इसका एक और वीडियो रिपोर्ट बनाउंगा उसमें आपको बताउंगा, लेकिन दोस्तो ये भी जान लें कि बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में पहली गाज प्रमोद नौटियाल पर गिरी है। प्रमोद नौटियाल बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के पर्सनल सेक्रेटरी का पद संभाल रहे थे। नौटियाल के विरुद्ध प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। उन्हें इससे पहले 3 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। ऐक्शन लेने वाली मंदिर समिति के मुताबिक, प्रमोद वर्तमान में जिस पद पर हैं, जांच प्रभावित की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर, इस पूरे प्रकरण में बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी का कहना है कि नौटियाल उनके पर्सनल सेक्रेटरी नहीं थे, वे समिति में एक कर्मचारी थे। प्रमोद नौटियाल इससे पहले पूर्ववर्ती बीकेटीसी अध्यक्षों के पीए का पद भी संभाल चुके हैं, लेकिन दोस्तो आज चंदा चोरी से घिरे बीकेटीसी अध्यक्ष हमंत दिवेदी के के पीए प्रमोद नोटियाल को आखिर कौन और क्यों बचा रहा है ये बड़ा सवाल है। इस सवाल का जवाब उतना ही हिला देने वाला है। मेरी अगली रिपोर्ट को जरुर देखिएगा जिसमें बड़ी खबर ये है कि प्रमोद नौटियाल को कौन और क्यों बचा रहा है।