शीतकाल के लिए इस दिन बंद होंगे बद्री केदार के कपाट, विजयदशमी पर हुआ तारीखों का एलान

केदारनाथ (Kedarnath), गंगोत्री (Gangotri) और यमुनोत्री धाम (Yamunotri Dham) के कपाट बंद होने की तिथि का एलान होने के बाद अब बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट बंद होने की भी तिथि का एलान कर दिया गया है।

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उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में चार धाम स्थित है। kedarnath doors will close on 15 November in uttarakhand मंदिर के कपाट जहां गर्मियों में 6 महीनों के लिए सभी श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं वहीं कपाट सर्दियों में 6 महीने के बाद बंद कर दिए जाते हैं। वहीं, दशहरा पर्व पर 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ, द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथियां शीतकालीन गद्दी स्थलों में पंचाग गणना के अनुसार घोषित कर दी गई हैं। केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में घोषित तिथि के अनुसार इस बार भगवान केदारनाथ के कपाट 15 नवंबर को (भैयादूज पर्व) वृश्चिक लग्न में सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

बद्रीनाथ धाम के कपाट अगले महीने 18 नवंबर को शीतकालीन प्रवास के लिए बंद कर दिए जाएंगे। यमुनोत्री के कपाट 15 नवंबर को भैया दूज के दिन सुबह 11:57 पर बंद होंगे। गंगोत्री धाम के कपाट इससे एक दिन पहले 14 नवंबर को बंद हो जाएंगे। भगवान तुंगनाथ के कपाट 1 नवंबर को 11 बजे धनु लग्न में शीतकालीन के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मद्महेश्वर धाम के कपाट 22 नवंबर को सुबह आठ बजे वृश्चिक लग्न में शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। बता दें कि उत्तराखंड में चारों धामों केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट साल में सिर्फ छह महीने के लिए ही खोले जाते हैं। सर्दियों में यहां पर काफी बर्फ पड़ती है, इसलिए छह महीनों के लिए कपाट बंद रहते है। इस बार चार धाम की यात्रा में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यही नहीं कई बड़ी हस्तियों ने भी बाबा के दर्शन और पूजा अर्चना की है।