Devidhura Bagwal Mela 2022: देवीधुरा में आज यानी शुक्रवार को होने वाले बगवाल युद्ध की प्रशासन के साथ मंदिर समिति ने पूरी तैयारी कर ली है। फल फूलों से दोपहर दो बजे बगवाल खेली जाएगी। बगवाल युद्ध का नजारा देखने के लिए देश विदेश से करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। रक्षाबन्धन के दिन देवीधुरा में माँ बाराही के मंदिर प्रांगण में खेली जाने वाली ऐतिहासिक बग्वाल का आयोजन होगा। चारखाम (चम्याल, गहड़वाल, लमगड़िया, वालिग) और सात थोक के योद्धा बगवाल में शिरकत करेंगे।
मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि होंगे। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी और एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि बगवाल की सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। पुलिस की पुख्ता व्यवस्था के अलावा सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। मेला मजिस्ट्रेट मनीष बिष्ट और मेलाधिकारी भगवत पाटनी व्यवस्था पर नजर रखे हैं। वाहनों को वन विभाग की चौकी और कनवाड़ मोड़ पर पार्क कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि बगवाल में चोटिल होने वाले योद्धाओं के तुरंत इलाज के लिए चिकित्सा शिविर लगाया गया है।
बगवाल खेलने के लिए प्रशासन ने बड़ी संख्या में नाशपाती के फलों का भंडारण कर लिया है, जिन्हें आज बगवाल के समय रणबांकुरों को बांटा जाएगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष खीम सिंह लमगडिय़ा ने बताया कि बगवाल खेलने के लिए मंदिर में फलों को एकत्रित कर लिया गया है। जै हो वाराही देवी मैय्या तेरी जै जै कारा लगते है। बगवाल के दौरान क्षेत्र की शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। चंपावत के आबकारी निरीक्षक हरीश जोशी ने बताया कि देवीधुरा और पाटी की शराब की दुकानें शुक्रवार को बंद रहेंगी। बृहस्पतिवार रात में इन दुकानों को सील कर दिया गया है।
बता दें, पहले इस युद्ध में दोनों ओर से पत्थर फेंके जाते थे। दरअसल पहले मां बाराही को नरबलि दी जाती थी। उसके विकल्प के रूप में चारों कामों ने आपसी सहमति से यह बग्वाल की परंपरा शुरु की थी। इसमें जब किसी इंसान की बलि जितना रक्त निकल जाता था, उसके बाद इस युद्ध को रोक दिया जाता था। बाद में पत्थरों से होने वाले भारी नुक़्सान को देखते हुए पत्थरों की जगह फलों और फूलों से बग्वाल खेली जाने लगी। चूंकि इस इलाक़े में नाशपाती भरपूर होती है इसलिए दोनों पक्ष नाशपाती फेंककर ही एक-दूसरे को परास्त करने की कोशिश करते हैं।