मानव वन्यजीव संघर्ष पर मुख्यमंत्री धामी ने की हाईलेवल मीटिंग, घटनाओं पर लगाम लगाने के दिए निर्देश

राज्य के जगहों पर बाघ के हमले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गंभीर हैं। गुलदार और बाघों के हमले की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए वन सचिव एवं वन्यजीव प्रतिपालक को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

Share

राज्य में मानव वन्यजीव संघर्ष के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि आए दिन जंगली जानवर इंसानों पर हमला कर रहे हैं। CM Dhami called high level meeting in Dehradun बीते दिन श्रीनगर के कीर्तिनगर में गुलदार ने घास लेने गई तीन महिलाओं पर हमला कर दिया। राज्य के जगहों पर बाघ के हमले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गंभीर हैं। गुलदार और बाघों के हमले की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए वन सचिव एवं वन्यजीव प्रतिपालक को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए और प्रशिक्षित वनकर्मियों की क्विक रिस्पांस टीम गठित कर उसे तत्काल मौके पर भेजा जाए। सीएम धामी ने कहा कि लंबे समय से यह देखने में आ रहा है कि राज्य के अलग अलग हिस्सों में वन्य जीवों के हमलों को रोकने में वन विभाग बेबस हो रहा है। इसे दृष्टिगत रखते हुए इन घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालीन योजना बनाई जाए।

प्रदेश में गुलदारों की संख्या को लेकर फिलहाल कोई सटीक आंकड़ा वन विभाग के पास नहीं है। साल दर साल गुलदार के हमले लगातार बढ़ रहे हैं और इसमें बड़ी संख्या में लोग अपनी जान भी गंवा रहे हैं। ऐसे में मानव वन्य जीव संघर्ष को कम करने में सरकार की कोई भी कोशिश सफल नहीं हो पाई है। इन्हीं सभी बातों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अल्टीमेटम दे दिया है और मानव वन्य जीव संघर्ष काम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वन्यजीव संघर्ष की घटना की स्थिति में स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की है। इस मामले में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जंगलों से सटे गांवों में शत प्रतिशत शौचालय और गैस कनेक्शन दिए जाने की योजना बनाई जाए ताकि लोग जंगलों का रुख न करें।