जी हां अंकिता केस में पूर्ण न्याय के बीच हो गया बड़ा फैसला, स्वंय प्रदेश के मुख्यमंत्री धामी ने उठाया बड़ा कदम, अब शासनादेश भी हो चुका है जारी कैसे अमर रहेगा अंकिता का नाम सरकार को वो फैसाला जो तमाम आशंकाओँ के बीच हुआ। Uttarakhand Ankita Bhandari Case दोस्तो जहां हम सब देख रहे हैं एक तरफ अंकिता हत्याकांड से पूरी तरह से पर्दा उठने का इंतजार अब प्रदेश के साथ देश भी कर रहा है। वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा और भावनात्मक फैसला आखिरकार ले ही लिया, जिस बेटी के साथ हुए अन्याय ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया, उसका नाम अब इतिहास में अमर किया जा रहा है। सरकार की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। दोस्तो यह सिर्फ एक फैसला नहीं, बल्कि याद दिलाने वाला संदेश है—कि अंकिता को भुलाया नहीं जाएगा। दोस्तो हर तरफ मामले की सीबीआई जांच की मांग हो रही है। इसी बीच पूरे मामले पर राज्य सरकार ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम परिवर्तित कर दिया है। नर्सिंग कॉलेज का नाम स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी रख दिया है। वहीं, सीएम धामी के निर्देश के बाद शासन ने शासनादेश भी जारी कर दिए हैं।
दरअसल, दोस्तो बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर की ओर से अंकिता भंडारी को लेकर ऑडियो और वीडियो जारी किए जाने के बाद से ही प्रदेशभर में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। विपक्षी दलों के साथ ही तमाम सामाजिक संगठन प्रदेशभर में प्रदर्शन करते हुए सीबीआई जांच और वीआईपी के नाम का खुलासा करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, दगड़ियो तमाम विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बीती 6 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि इस पूरे मामले पर अंकिता भंडारी के माता-पिता जिस भी जांच की बात कहेंगे, उसके कानूनी पहलुओं को देखते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके बाद बीती रोज यानी 7 जनवरी को सीएम पुष्कर धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी, साथ ही उनके मंशा को जाना था। इतना ही नहीं मुलाकात के दौरान सीएम ने अंकिता के माता-पिता को इस बाबत भरोसा जताया था कि वो जो मांग कर रहे हैं, उनकी मांग के आधार पर राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।
दोस्तो फिलहाल, राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की घोषणा तो नहीं की है, लेकिन उससे पहले एक बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए पौड़ी जिले में स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम परिवर्तित करते हुए ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी’ कर दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के इस एस्स पोस्ट को देखिए लिखा है हमारी सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उनके द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।(ट्विट लगाना) दोस्तो इस संबंध में चिकित्सा सवास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की ओर से गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया गया है। बता दें कि सीएम धामी ने 16 सितंबर 2023 को पौड़ी के राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर करने का ऐलान किया था। दरअसल, दोस्तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर दोहराया था कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने पीड़िता के माता-पिता के मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही सीएम धामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस बात को कहा कि राज्य सरकार जल्द ही अंकिता के माता-पिता की मांगों पर निर्णय लेगी। उधर, मामले को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है और केस की सीबीआई जांच की मांग पर अड़ी हुई है। वैसे ये मुझे बताने की जरूरत तो नहीं है कि अंकिता के साथ क्या हुआ था कब हुआ ये तो पूरा प्रदेश जानता है लेकिन इतना बता दूं कि अंकिता भंडारी पौड़ी जिले की श्रीकोट डोभ गांव की रहने वाली थी। 19 साल की अंकिता भंडारी यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में नौकरी करती थी। जो 18 सितंबर 2022 को अचानक अंकिता लापता हो गई थी। मामला पहले राजस्व पुलिस के पास गया, फिर रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर किया गया। वहीं, पुलिस ने जांच करते हुए रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य उसके दोस्त अंकित गुप्ता और मैनेजर सौरभ भास्कर पर अंकिता के गायब होने पर शक जताया था। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अंकिता की हत्या की बात कबूली थी। लगातार सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी माना और उम्र कैद की सजा सुनाई।