देहरादून: गौतम बने राज्यपाल, गोदियाल क्यों बोले—जनता सड़क पर, केंद्र खामोश!| Uttarakhand News

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अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित तौर पर ‘वीआईपी’ के रूप में नाम उछलने के बाद भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर उत्तराखंड में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि जब अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पीड़ित परिवार और सूबे की जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रही है, तब केंद्र सरकार ने इस गंभीर मुद्दे पर रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है। उत्तराखंड और दिल्ली में इस फैसले के खिलाफ लगातार हो रहे जन-प्रदर्शनों ने राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक नैतिकता पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस बीच, अंकिता भंडारी के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए हैं और उन्होंने राष्ट्रपति व केंद्र सरकार से दुष्यंत गौतम की इस नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। पीड़ित परिवार और विपक्षी दलों का कहना है कि राज्यपाल जैसे उच्च संवैधानिक पद पर नियुक्ति से पहले सितंबर 2022 की कॉल डिटेल्स और लोकेशन की सीबीआई जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। दूसरी ओर, विपक्षी कांग्रेस इसे उत्तराखंड की जनभावनाओं का अपमान और दागी नेताओं को संरक्षण देने का प्रयास बता रही है, जबकि दुष्यंत गौतम ने इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित और पूरी तरह निराधार करार दिया है।