उत्तराखंड (Uttarakhand News) के दशोली ब्लॉक के अन्नागोली गांव (Annagoli Village) के 13 परिवार पेयजल (Water Crises) की समस्या से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों को एक किमी दूर अपर चमोली से पीने के पानी की व्यवस्था करते हैं. केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल-हर घर जल योजना की शुरुआत की है जिसका लक्ष्य 2024 रखा गया है लेकिन चमोली का अन्नागोली गांव आज भी इस योजना से दूर है. विभागीय की लापरवाही गांव वालों पर भारी पड़ रही है. जल मिशन योजना केवल कागजों में पूरी हो रही है. यहां परेशानी केवल इंसानों को नहीं है बल्कि गांव में मवेशियों को भी है. गांव के लोग अपने मवेशियों को बारिश का इकट्ठा पानी पिलाने को मजबूर है.
गांव में 2006 में जल संस्थान ने नल लगाए लेकिन उन नलों पर कभी पानी नहीं आया और ना ही कभी विभाग के अधिकारियों ने गांव में जाकर पेयजल योजना की शुद्ध लेने की कोशिश की, सबसे बड़ी बात यह है कि गांव में पानी की बूंद नलों पर टपकती नहीं है, लेकिन बिल अवश्य आते हैं. विभाग की इस प्रकार की भी देखी जा रही है. सवाल यह है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन योजना के तहत देश के सभी राज्यों में हर घर को पेयजल से जोड़ने की बात कही है. लेकिन चमोली जनपद में इस योजना से लोगों को लाभ मिलता हुआ नजर नहीं आ रहा है अब योजना पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
आपूर्ति करते हैं. उन्हें सरकार की हर घर नल-हर घर जल योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया है. गर्मियों में यह समस्या और भी बढ़ जाती है. कहा कि इस संबंध में जल निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.