UPI पर चार्ज की आहट?प्रीतम सिंह ने क्यों उठाए सवाल? | Uttarakhand News

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यूपीआई (UPI) पेमेंट्स पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क लगाने के सरकार के फैसले ने राजनीतिक और आर्थिक बहस छेड़ दी है, जिसमें कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने इसे ‘डिजिटल इंडिया’ की भावना के खिलाफ बताया है। ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा ट्रांजैक्शन पर 0.4% चार्ज लगाने के इस कदम से आम उपभोक्ताओं पर अप्रत्यक्ष बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस नीतिगत बदलाव के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है, जिससे कैशलेस अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होने की चिंता जताई जा रही है। वहीं, सरकार का तर्क है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर आने वाले भारी खर्च को व्यवस्थित करने के लिए यह सीमित चार्ज जरूरी है। प्रीतम सिंह ने सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार लगातार ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘कैशलेस इकॉनमी’ को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ यूपीआई जैसे लोकप्रिय और मुफ़्त माध्यम पर चार्ज की शुरुआत कर रही है। इस फैसले से लोग बड़े ट्रांजैक्शन के लिए दोबारा कैश लेनदेन की तरफ लौट सकते हैं, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी।