देहरादून: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर घमासान, कांग्रेस के आरोपों पर BJP का पलटवार!| Uttarakhand News

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उत्तराखंड के पूर्व भाजपा प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर उत्तराखंड की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है। कांग्रेस इस नियुक्ति का तीखा विरोध कर रही है और उसका आरोप है कि केंद्र सरकार ने दुष्यंत गौतम को राजभवन का सुरक्षा कवच देकर कानूनी कार्रवाई से बचाने का प्रयास किया है। विपक्ष इस मामले को 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ रहा है, जहां कांग्रेस नेताओं का दावा है कि मामले में जिस ‘VIP’ की संलिप्तता की बात सामने आ रही थी, वह दुष्यंत गौतम ही हैं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के इन सभी आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि कांग्रेस हताशा में आकर राजभवन जैसी संवैधानिक संस्था और एक सम्मानित नेता की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रही है। सत्तापक्ष का तर्क है कि राज्य सरकार अंकिता भंडारी मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पहले ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को संस्तुति दे चुकी है और कोर्ट या जांच एजेंसियों द्वारा दुष्यंत गौतम के खिलाफ कोई सबूत सामने नहीं आया है। इन राजनीतिक आरोपों और विरोध प्रदर्शनों के बीच, दुष्यंत गौतम ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में अपने पद की शपथ ले ली है, जिससे राज्य में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।