उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच गहराया पारिवारिक व कानूनी विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रूप ले चुका है, जिस पर सूबे के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री खजान दास ने बड़ा बयान देकर हलचल बढ़ा दी है। रेखा आर्या द्वारा अपने पति के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की साजिश और SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद, खजान दास ने इस पूरे घटनाक्रम को देवभूमि और समाज के लिए एक बेहद गलत और नकारात्मक संदेश करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतने लंबे वैवाहिक जीवन में उत्पीड़न या जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल जैसी बातें थीं, तो इस पर पहले ही कदम उठाया जाना चाहिए था। अब जब दोनों के बच्चे बड़े हो चुके हैं और स्कूल जा रहे हैं, तब इस तरह के पारिवारिक विवाद को सार्वजनिक रूप से तूल देने से पूरे परिवार के मानसिक स्तर पर बेहद गहरा व बुरा असर पड़ रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT का गठन) कर दिया है, जो आरोपों और सबूतों की गहराई से पड़ताल कर रही है। मंत्री खजान दास ने एसआईटी जांच पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि हालांकि रेखा आर्या ने खुद को घरेलू हिंसा से पीड़ित बताया है और उनके पति का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है, लेकिन वर्तमान हालात में इस कलह ने पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है। दूसरी ओर, रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने भी अपनी पत्नी पर ₹210 करोड़ की कथित अवैध संपत्ति रखने के जवाबी आरोप लगाकर मामले को और पेचीदा बना दिया है। फिलहाल पुलिस रेखा आर्या के बयान दर्ज कर चुकी है और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही इस राजनीतिक व पारिवारिक ड्रामे की अगली तस्वीर साफ हो सकेगी।