Uttarakhand लेटर पर बवाल! सच या सियासत? | Arvind Pandey | Ganesh Godiyal | BJP | Uttarakhand News

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उत्तराखंड की सियासत में एक चिट्ठी ने मचा दिया है बड़ा बवाल अरविंद पांडेय सामने आकर कह रहे हैं — लेटर फर्जी है, आरोप काल्पनिक है, लेकिन इस सफाई के बाद सियासत और गरमा गई है। गणेश गोदियाल के आरोप अब सवालों के घेरे में हैं।क्या ये पूरा मामला सियासी रणनीति का हिस्सा है?या फिर सच और झूठ के बीच चल रहा है बड़ा खेल? कैसे चुनावी माहौल में ‘लेटर वार’ ने बढ़ा दी है हलचल। दोस्तो वैसे आपकी बात पर कितना विश्वास किया जा सकता है और कब तक किया जा सकता है। एक तरफ आप अलग-अलग मौकों पर अपनी ही पार्टी पर निशाना साधते हैं और फिर कोई प्रेसकांफ्रेस कर कुछ और कहानी बताते हैं, लेकिन आपके सवालों के जवाब में उस तरफ की बात नहीं दिखाई देती जैसा आप जब आरोप लगाते हैं या अपनी ही सरकार की कमियों को बता जनमंच पर पोस्टमार्टम करते हैं। दोस्तो बात बीजेपी के मौजूदा विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री की हो रही है नाम अरविंद पांडे.. दोस्तो आपने हाल के कुछ वक्त में आपने खूब देखे होगा कि एक तरफ प्रशासनिक अमला पांडे कि खिलाफ काफी एक्टिव दिखाई दिया और कई बर पांडे जी अपनी ही पार्टी को असहज करने वाले बयान भी दिए अब तो बात हो रही है हाल में वायरल हुए एक पत्र की जिससे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सार्वजनिक कर कई सवाल किये थे। दोस्तो उम्मीद ये थी की अरिविंद पांडे इस पत्र को लेकर तुरंत प्रतिक्रिया देंगे, लेकिन चार दिन तक ना इस पर सहमती जताई और ना ही असहमती अब चार दिन बाद सामने आए तो पत्र को फर्जी करार दिया। आरे पांडे जी जब पत्र फर्जी ही था आपको बदनाम करने की इतनी बड़ी साजिश विपक्ष रच रहा था, तो आपको तुरंत सामने आ कर इस पत्र का खंडन करना चाहिए।

आपको ये बात कहने के लिए चार दिन क्यों लग गए बल सुनिए अरविंद पांडे ने क्या क्या कहा है तो फिर क्या फंस गए गणेश गोदियाल! वायरल पत्र को लेकर अरविंद पांडेय ने किया बड़ा खुलासा कितना सही कितना फेक बता नहीं लेकिन दोस्तो गदरपुर से बीजेपी विधायक अरविंद पांडेय ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वायरल पत्र के माध्यम से बीजेपी की छवि को खराब किया जा रहा है लेकिन पत्र में ऐसा था क्या और गोदियाल ने कौन से आरोप लगाए थे दोस्तो गोदियाल ने आरोप लगाया था विधायक ने किसी बड़े नेता को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्पीड़न करने की बात कही गयी थी। साथ ही उसमें कहा था कि उनके परिवार को धमकाने और राजनीतिक-सामाजिक जीवन खत्म करने की बात कही गई है। गोदियाल ने इस पूरे मामले के लिए एसआईटी जांच की मांग की थी साथ ही कहा कि जब सत्तापक्ष के विधायक ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा। दोस्तो इसी पर इस बात पर जवाब आया तो अरविंद पांडे ने कह दिया किसी भी नेता को कोई भी पत्र नहीं लिखा है। वायरल पत्र के माध्यम से बीजेपी की छवि को खराब किया जा रहा है। इसके अलावा दोस्तो विधायक ने कह दिया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल जिस वायरल पत्र का जिक्र किया है, उसका पार्टी का कोई लेना देना नहीं विधायक ने कहा कि चुनाव नजदीक आते-आते विपक्ष इस तरह का हथकंडे अपना कर पार्टी की छवि खराब करने का काम करता है। वहीं अरविंद पांडेय की प्रेसवार्ता के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का भी रिएक्शन सामने आया है। गोदियाल ने कहा कि अगर मेरे द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं तो सरकार को या विधायक को मेरे खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। जिसके बाद इस पूरे मामले की जांच होगी। जांच में सामने आ जाएगा कि पत्र की असल सच्चाई क्या है, तो एक चिट्ठी और सियासत में बड़ा घमासान।एक तरफ अरविंद पांडेय इसे फर्जी बता रहे हैं,तो दूसरी तरफ गणेश गोदियाल जांच की मांग पर अड़े हैं।सवाल अब भी वही है — सच क्या है और सियासत क्या?क्या इस मामले में जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी,या फिर ये ‘लेटर वार’ चुनावी शोर में ही दबकर रह जाएगा? फिलहाल नजरें टिकी हैं आगे की कार्रवाई पर