त्योहारी सीजन के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की चिंता टली, दिल्ली में बसों की नो एंट्री से रोक हटी

दिल्ली में उत्तराखंड की बसों के प्रवेश पर 30 जून तक राहत मिल गई है। दिल्ली सरकार की ओर से बीएस-4 श्रेणी की डीजल बसों के प्रवेश पर एक नवंबर से जो रोक लगाई गई थी उसमें संशोधन कर दिया गया है।

Share

दिल्ली में प्रदूषण कम करने को सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के बाद दिल्ली सरकार की ओर से बीएस-4 श्रेणी की डीजल बसों के प्रवेश पर एक नवंबर से जो रोक लगाई गई थी उसमें संशोधन कर दिया गया है। दिल्ली में बीएस-4 डीजल बसों के प्रवेश पर Uttarakhand Transport Corporation उत्तराखंड परिवहन निगम की चिंता फिलहाल टल गई है। उत्तराखंड की बसों के प्रवेश पर 30 जून तक राहत मिल गई है। इस अवधि में उत्तराखंड परिवहन निगम की नई 130 बीएस-6 बसें भी आ जाएंगी। वर्तमान में निगम के पास केवल 150 अनुबंधित सीएनजी बसें ही ऐसी हैं, जो बीएस-4 बसों पर प्रतिबंध की स्थिति में दिल्ली में प्रवेश कर सकती हैं। उत्तराखंड को मिली राहत में एक शर्त यह भी है कि आठ वर्ष से अधिक पुरानी कोई भी बीएस-4 डीजल बस दिल्ली नहीं भेजी जाएगी।

बता दे, उत्तराखंड परिवहन निगम के सभी डिपो से रोजाना करीब 400 बसें दिल्ली के लिए संचालित होती हैं। इनमें साधारण, वातानुकूलित डीलक्स और सुपर डीलक्स वोल्वो बसें शामिल हैं। यह सभी बीएस-4 श्रेणी की डीजल चालित बसें हैं। इनमें करीब दो दर्जन बसें दिल्ली होकर गुरुग्राम, फरीदाबाद, जयपुर, खाटू श्याम जी आदि के लिए संचालित होती हैं। दिवाली नजदीक आते ही यात्रियों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया है। हल्द्वानी से लेकर कुमाऊंभर के लोग बाहरी राज्यों में नौकरी करते हैं। दिवाली पर लोग घरों को लौटते हैं। इस बीच त्यौहारी सीजन में ट्रेन की वेटिंग भी लंबी होती जा रही है। ऐसे में परिवहन निगम की बसें काफी राहत पहुंचा सकती है।