जी हां दोस्तो क्या अपने उत्तराखंड में बारिश फिर बनने जा रही है बड़ी आफत, ये सवाल तब किया जा सकता है जब पहाड़ दरकने लगे हों। मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनते दिखाई दे रहे हों, कैसे भरभराकर दरक रही है जमीन 70 से ज्यादा सड़कों के बंद होने से कैसे बढी चिंता और कितने जिले हैं जहां जारी किया गया है हाई अलर्ट। दोस्तो आप से मेरी ये गुजारिश अपील की आप सावधान रहे, सतर्कता के साथ अपनी-अपनी यात्रा करें। दोस्तो उत्तराखंड में मानसून अब विकराल रूप लेता नजर आ रहा है। पहाड़ दरक रहे हैं, सड़कें टूट रही हैं और लगातार हो रही बारिश जनजीवन पर भारी पड़ रही है। टिहरी जिले में भूस्खलन की चपेट में आकर एक होटल का हिस्सा और टिन शेड मकान जमींदोज़ हो गया, जबकि प्रदेशभर में 70 से ज्यादा सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए 7 जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और भूस्खलन, चट्टान गिरने और देस्तो अचानक बाढ़ की आशंका जताई है। दोस्तो कुछ ऐसे हालात हैं अपने उत्तराखंड के और भी कई तस्वीरें हैं जो चिंता को बढाने का काम कर रही हैं।
दोस्तो प्रदेश में मानसून की एंट्री होते ही प्रदेशभर से भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं। टिहरी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-707 ए पर बुधवार शाम भूस्खलन से दो रेस्टोरेंट खतरे की जद में आ गए। एक पुराना खाली भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे पूरे इलाके को खाली कराया गया है। वहीं दोस्तो नीलकंठ महादेव मंदिर के समीप पहाड़ी से मलबा सड़क पर आने से मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। उत्तरकाशी में नालूपानी समेत कई जगह बोल्डर आने से बंद हो गया। प्रदेशभर में चार राज्य मार्ग समेत 70 सड़कें बंद होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं और दोस्तो चौकाने वाली बात ये है कि आगे भी मौसम डराने वाला है, यानि की अलर्ट है। उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री नेशनल हाईवे बंद, नालूपानी के पास भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे ठप, मलबा हटाने का काम जारी। स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे भी हुआ अवरुद्ध, NH बड़कोट की टीम मार्ग खोलने में जुटी। दोस्तो तीर्थयात्री और आम नागरिक मौसम और सड़कों की सटीक जानकारी लेकर ही शुरू करें यात्रा। दोस्तो यात्रा के दौरान पुलिस और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करे। इसके अलावा दोस्तो ये तस्वीर चौकाने वाली थी, जहां देखते ही देखते ऐसा लैंडस्लाइड हुआ कि एक बार के लिए लोगों की सांसे थब सी गई।
दोस्तो टिहरी जिले के कद्दूखाल में राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर भूस्खलन से दो रेस्टोरेंट खतरे की जद में आ गए। एहतियात के तौर पर दोनों रेस्टोरेंट, आसपास के खोखे और श्रमिकों की झुग्गियों को खाली कराया गया। वहीं, भूस्खलन में एक पुराना खाली भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया। बताया गया कि एक व्यक्ति द्वारा होटल निर्माण के लिए कराई जा रही खोदाई के कारण पहाड़ी का हिस्सा दरक गया, जिससे भूस्खलन हुआ, तो उधर उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड की बड़ासु पट्टी के पांच दूरस्थ गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सांकरी-गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा और पूर्ति नालों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों का विकासखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने लगा है। यमुनोत्री हाईवे पर बड़कोट क्षेत्र में स्याना चट्टी में आए दिन हाईवे बंद हो रहा है। जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। मलबा हटाने के बाद भी दलदल में तब्दील सड़क पर जोखिम भरी आवाजाही बनी हुई है। उत्तरकाशी में नालूपानी में मलबा आने से मार्ग बार बार बंद हो रहा है।
ऊधर दोस्तो नीलकंठ महादेव मंदिर के समीप पहाड़ी से मलबा सड़क पर आने से मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से सावधानी बरतते हुए यात्रा करने की अपील की है। दोस्तो उत्तराखंड में दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ और चंपावत में प्रशासन ने अवकाश घोषित किया है।कल 10 जुलाई को पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत एवं बागेश्वर जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ जनपदों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।