जी हां दोस्तो जो घोषणा हो गई थी सालों पहले लेकिन वो काम नहीं हो पाया एक कॉलेज का नाम बदल कर अंकिता के नाम पर होना था लेकिन उसकी घोषणआ तब हुई, जब अंकिता मामले में वीआईपी की एंट्री हो गई जब मामले की सीबीआई जांच की मांग आग उगल रही थी, लेकिन दोस्तो क्या जिस नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम से होना है वो क्या हो सकता है तो फिर प्रोसेस कहां तक हुई है। Uttarakhand Ankita Bhandari Case क्यों कांग्रेस सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगा रही है पूरी खबर मेरी इस रोपोर्ट के जरिए। दोस्तो अंकिता भंडारी के नाम पर एक कॉलेज एक फैसला, लेकिन उस फैसले पर अब सवालों की बौछार। क्या सरकार सच बोल रही है या फिर भावनाओं की राजनीति हो रही है? कॉलेज डोभ का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखने की घोषणा के बाद आरोप लगे हैं कि यह नाम बदला ही नहीं जा सकता। विपक्ष कह रहा है कि मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं, तो सत्ता पक्ष दावा कर रहा है कि सभी नियमों के तहत फैसला हो चुका है। सवाल यही है—क्या वाकई कॉलेज डोभ का नाम अंकिता के नाम पर हो पाएगा, या यह सिर्फ एक राजनीतिक ऐलान बनकर रह जाएगा? नियम क्या कहते हैं और सच क्या है।
दोस्तो पौड़ी स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रख दिया गया है. इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव की ओर से शासनादेश भी जारी कर दी गई है, लेकिन जहां एक ओर अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले को लेकर प्रदेश में सियासत गरमाई हुई है तो वहीं दूसरी ओर नर्सिंग कॉलेज के नाम परिवर्तन में देरी होने पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गई है। “ये राजनीतिक और तथ्यहीन मुद्दा है. ये मुद्दा तब उठते हैं, जब राजनीतिक दलों के पास कोई विकास के मुद्दे नहीं होते हैं. उनके पास क्षेत्र की समस्याओं के मुद्दे नहीं होते हैं. ऐसे में इस प्रकार के मुद्दे को उठकर सिर्फ राज्य के माहौल को दूषित करने का प्रयास है और जनता सब कुछ देख रही है.”- वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का ये कहना कि मामला सरकार के संज्ञान पर है और सरकार तगातार काम कर रही है। दोस्तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम परिवर्तित कर ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ श्रीकोट (पौड़ी)’ कर दिया गया है. पीड़ित परिवार के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वो कहते हैं कि शुरुआत से ही ये था कि राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखा जाए। जिस पर शासनादेश जारी कर दिए गए हैं।”
दोस्तो इसकी मुख्य वजह यही है कि 16 सितंबर 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम परिवर्तित कर अंकिता भंडारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी। इसके बाद से एक लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद इस पर कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया, लेकिन वर्तमान समय में अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला जब एक बार फिर चर्चाओं में है। साथ ही विपक्षी दल और तमाम सामाजिक संगठन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, दोस्तो तो इसी दौरान उत्तराखंड शासन की ओर से नर्सिंग कॉलेज का नाम बदलकर ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी’ रखे जाने संबंधित शासनादेश जारी कर दिया गया। यही वजह है कि विपक्षी दल कांग्रेस समेत संगठन के लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि करीब ढाई साल पहले किए गए घोषणा को इंप्लीमेंट करने में आखिर इतना वक्त क्यों लग गया? जबकि इसको लेकर कई बार मांग उठ चुकी है, कोजिसके चलते प्रदेश में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है।