दोस्तों, उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। आसमान से बरस रही आफत ने पहाड़ से लेकर मैदान तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं भारी बारिश के बाद भूस्खलन ने रास्ते रोक दिए हैं, तो कहीं नदियां उफान पर हैं। हालात ऐसे बने कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा तक स्थगित करनी पड़ी। बारिश के इस तांडव के बीच आखिर उत्तराखंड में कितने बिगड़े हैं हालात? कहां-कहां मची है तबाही और प्रशासन किस तरह जुटा है राहत और बचाव में। दोस्तो देवभूमि उत्तराखंड, जहां बारिश अब राहत नहीं, बल्कि आफत बनती नजर आ रही है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों तक पहुंच गया है। कई जगहों पर भूस्खलन से सड़कें बंद हैं, नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। दोस्तो पिथौरागढ़ में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बारिश के कारण काली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की गई है। पुलिस ने खासतौर पर बच्चों और पालतू जानवरों को नदी के पास न भेजने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से मौसम और सुरक्षा संबंधी सभी एडवाइजरी का पालन करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन दोस्तो उत्तराखंड में बारिश के बाद नदियों का मंजर कुछ ऐसा है।
उत्तराखंड के त्युनी में उफनती नदी का वेग है जो हर किसी को डराने का काम कर रहा है। दोस्तो इधर बारिश के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। चारधाम यात्रा मार्गों पर कई स्थानों पर भूस्खलन और भारी बारिश के अलर्ट के चलते यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया है। मौसम अनुकूल होने के बाद यात्रा फिर शुरू करने की बात कही गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उम्मीद जताई है कि जो हालात बने हैं उस पर नजर है। दोस्तो देरहादून के नदंदाकी चौकी पर बने पुल का मामला अब बड़ा और गंभीर मामला बनता जा रहा है। अब जांच की बात हो रही है तो दोस्तो सरकार से लेकर पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है क्योंकि प्रदेश में बहने वाली सभी नदिया खतरे के निशान पर रुद्रप्रयाग से लेकर हरिद्वार तक, मूसलाधार बरसात जारी, रुद्रप्रयाग में चेतावनी लेवल पर बह रही है अलकनंदा।
हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है और गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। सिंचाई विभाग, आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन 24 घंटे निगरानी बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से गंगा तटों और निचले इलाकों में सतर्क रहने की अपील की है। दोस्तों, उत्तराखंड में बारिश ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि पहाड़ों में मौसम का मिजाज पल भर में बदल सकता है। कहीं नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है, तो कहीं भूस्खलन और बंद रास्ते लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।हालांकि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत-बचाव के लिए टीमें अलर्ट पर हैं। ऐसे में सबसे जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें, प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और बिना जरूरी काम के जोखिम भरे इलाकों में जाने से बचें।फिलहाल मौसम की चुनौती जारी है, लेकिन सतर्कता और सावधानी से ही इस मुश्किल वक्त का सामना किया जा सकता है।