दोस्तो, देहरादून से लेकर दिल्ली तक चर्चा में है 210 करोड़ के आरोपों का मामला! अस्पताल के बेड से मंत्री रेखा आर्य के दावे, पति गिरधारी साहू पर गंभीर आरोप और अब SIT जांच की चर्चा! शादी से जुड़े दावों से लेकर करोड़ों के कथित घोटाले तक, इस पूरे विवाद में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर 210 करोड़ के आरोपों के पीछे क्या है पूरा मामला, और जांच में अब तक क्या सामने आया है? क्या अब एक घरेलू विवाद उत्तराखंड में महाघोटाले की दहलीज पर है। दोस्तो उत्तराखंड की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी, सबसे सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर! धामी सरकार की कद्दावर महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच का घरेलू झगड़ा अब उत्तराखंड का सबसे बड़ा क्रिमिनल और पॉलिटिकल केस बन चुका है! पति पर मारपीट, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाने के बाद, तबीयत बिगड़ने पर रेखा आर्य देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। वहां अस्पताल के बेड पर ड्रिप लगे होने के बावजूद मंत्री ने एक ऐसा वीडियो जारी कर दिया है, जिसने विरोधियों की बोलती बंद कर दी है। पति द्वारा उन पर लगाए गए 210 करोड़ रुपये के बेहिसाब भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के आरोपों का रेखा आर्या ने अस्पताल से ही वो सच बताया है, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है! इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने 9 से 10 सदस्यों वाली हाई-प्रोफाइल एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है।
आखिर अस्पताल के बेड से रेखा आर्य ने क्या खुलासे किए हैं? क्या है उस 210 करोड़ का सच? दोस्तो उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम बात हैं, लेकिन जब सरकार की एक कैबिनेट मंत्री खुद रोते-बिलखते हुए अपने पति के खिलाफ जान का खतरा बताए और अस्पताल पहुंच जाए, तो समझ लीजिए कि पानी सिर से ऊपर जा चुका है। पिछले 36 घंटों से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बीच, अस्पताल में भर्ती मंत्री रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सीधे अपने इष्ट देव गोलू बाबा की कसम खा ली है! रेखा आर्य ने खुलेआम कहा कि उनके पति गिरधारी लाल साहू ने जो ऑडियो क्लिप जारी की थी, वो कोई एआई (AI) जनरेटेड या फर्जी ऑडियो नहीं है, बल्कि सौ फीसदी सच है। चलिए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर इस 210 करोड़ का सच क्या है। मंत्री रेखा आर्य द्वारा पति पर एफआईआर दर्ज कराने के बाद, उनके पति गिरधारी लाल साहू ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि मंत्री रेखा आर्य ने पिछले 10 सालों में 210 करोड़ रुपये का अकूत भ्रष्टाचार किया है और अवैध संपत्तियां बनाई हैं, जिसकी जांच सीएम धामी को करनी चाहिए- दोस्तो इधर अस्पताल से इसका जवाब देते हुए रेखा आर्या ने इन आरोपों को सिरे से खारिज तो किया ही, साथ ही अपने पति के अतीत का वो काला पन्ना खोल दिया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया।
रेखा आर्या ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि— “मुझे शादी से पहले इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि गिरधारी लाल साहू पहले से ही शादीशुदा हैं। उन्होंने मुझसे यह बात छिपाई और शादी के नाम पर बहुत बड़ा धोखा किया।” मंत्री का यह बयान साफ करता है कि यह लड़ाई अब सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें जालसाजी और धोखाधड़ी के बड़े-बड़े राज दफन हैं। दोसतो इस हाई-प्रोफाइल मामले में चूंकि एक कैबिनेट मंत्री की जान दांव पर लगी है, इसलिए उत्तराखंड पुलिस महकमे ने बिना एक पल गंवाए एक्शन मोड अख्तियार कर लिया है। देहरादून के कैंट थाने में दर्ज एफआईआर (जिसमें एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराएं भी शामिल हैं) की निष्पक्ष जांच के लिए एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में 9 से 10 सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है। दोस्तो यह एसआईटी (SIT) अब मंत्री द्वारा लगाए गए मारपीट और हत्या की साजिश के आरोपों की भी जांच करेगी, और दूसरी तरफ पति गिरधारी साहू द्वारा लगाए गए 210 करोड़ के बेहिसाब साम्राज्य के दावों की भी पड़ताल करेगी। पुलिस कप्तानों का साफ कहना है कि मंत्री के अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही इस मामले में कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इधर, दोस्तो इस पारिवारिक कलह के बहाने कांग्रेस को धामी सरकार को घेरने का एक ब्रह्मास्त्र मिल गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तुरंत वीडियो जारी कर तंज कसा कि एक तरफ तो रेखा आर्या उत्तराखंड की बेटी हैं, इसलिए उनके साथ हमारी पूरी सहानुभूति है, लेकिन दूसरी तरफ उनकी ही सरकार और उनके पति ने उन पर स्कूली बच्चों के मिड-डे मील का राशन हड़पने और 210 करोड़ के भ्रष्टाचार का जो संगीन आरोप लगाया है, उस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खुद रेखा आर्य को प्रदेश की जनता को स्पष्टीकरण देना होगा! चुनाव से ठीक पहले अपनी ही कैबिनेट मंत्री के इस खुले विवाद से बीजेपी बैकफुट पर है और संगठन में भारी खलबली मची हुई है। दोस्तो अब अस्पताल की चारदीवारी से निकला यह वीडियो और पुलिस की एसआईटी जांच, अब उत्तराखंड की राजनीति का वो अध्याय बन चुका है जिसका अंजाम बेहद नाटकीय होने वाला है। अब देखना यह होगा कि एसआईटी की यह जांच गिरधारी लाल साहू को सलाखों के पीछे पहुंचाती है या फिर 210 करोड़ के इस कथित सच की आंच में कई और बड़े सियासी चेहरे झुलस जाते हैं