राजधानी के मुख्य प्रवेश द्वार डाटकाली-आशारोड़ी-मोहब्बेवाला-चंद्रबनी होकर आईएसबीटी तक जाने वाले लगभग 7.5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर आए दिन हो रहे घातक हादसों से जनहानि का खतरा लगातार बढ़ रहा था। जान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, जिलाधिकारी के निर्देश पर उत्तराखंड परिवहन विभाग ने पुलिस, लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ मिलकर एक संयुक्त 15-दिवसीय चेकिंग व जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अधिकारियों की टीमें तीन शिफ्टों में 24 घंटे लगातार वाहनों की यांत्रिक स्थिति (ब्रेक, गियर) की जांच कर रही हैं। अभियान के शुरुआती चरण में 350 से अधिक भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों का निरीक्षण कर चालकों को ढलान पर संयमित गति बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोला के अनुसार, इस नए गति सीमा प्रस्ताव को जिला सड़क सुरक्षा समिति के अनुमोदन के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलते ही मार्ग पर लगे स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरों से रडार-आधारित निगरानी शुरू होगी। गति सीमा का उल्लंघन कर दूसरों के जीवन को जोखिम में डालने वाले चालकों के न केवल ऑनलाइन ई-चालान कटेंगे, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।