उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे नैनीताल हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता नवनीश नेगी को जान से मारने का एक धमकी भरा पत्र मिला है। कई भाषाओं में लिखे गए और गूगल ट्रांसलेट के जरिए तैयार किए गए इस पत्र में अधिवक्ता नेगी को पहले एक साजिश के तहत सड़क हादसे का शिकार बनाने और फिर उन पर जानलेवा हमला करने की बात कही गई है। इस गंभीर घटना के बाद उत्तराखंड हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले नैनीताल में वकीलों ने आपात बैठक बुलाई और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए भवाली कोतवाली में तहरीर दी है। अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि धमकियों के दम पर न्याय की लड़ाई को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उन्होंने सरकार से तुरंत एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग दोहराई है।
इस खौफनाक धमकी के बीच अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय दिलाने की मुहिम सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक एक बार फिर तेज हो गई है। अंकिता भंडारी की पुण्यतिथि के अवसर पर 18 सितंबर को देशव्यापी दीया जलाओ अभियान (#JusticeForAnkitaBhandari) का आह्वान किया गया है। हालांकि, कोटद्वार जिला अदालत ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, लेकिन पीड़ित परिवार और सूबे की जनता इसे अधूरा न्याय मान रही है। इस हत्याकांड के पीछे छिपे रसूखदार ‘वीआईपी’ के चेहरे को बेनकाब करने की मांग को लेकर कांग्रेस और विभिन्न सामाजिक संगठन 17 और 18 सितंबर को पूरे उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित करने जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि वकील को मिली धमकी यह साबित करती है कि दोषी और उनके पीछे खड़े रसूखदार लोग न्याय की इस मशाल को बुझाना चाहते हैं, जिसे जनता झुकने नहीं देगी।