उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू (पप्पू गिरधारी) के बीच का हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद अब बेहद संगीन कानूनी मोड़ पर पहुंच चुका है। मंत्री रेखा आर्या द्वारा दर्ज कराई गई गंभीर धाराओं में एफआईआर और उनके पति द्वारा लगाए गए ₹210 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच, विशेष जांच दल (SIT) के रडार पर अब बरेली (उत्तर प्रदेश) में स्थित उनका 5 एकड़ का आलीशान ‘शाही महल’ (फार्महाउस) आ गया है। धोखाधड़ी, जालसाजी और हत्या की साजिश के आरोपों से घिरे पप्पू गिरधारी की गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड और यूपी पुलिस की टीमें सर्विलांस की मदद से लगातार दबिश दे रही हैं। सोमवार शाम को एसआईटी (SIT) ने उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं। इस दौरान मंत्री ने अपने पति के कई वित्तीय लेन-देन और गुप्त ठिकानों का भंडाफोड़ किया।
साक्ष्यों की तलाश: बरेली बाईपास पर बने इस आलीशान फार्महाउस (जिसे स्थानीय लोग शाही महल कहते हैं) में पूर्व में हुए कथित वित्तीय फर्जीवाड़े, जाली हस्ताक्षर से शेयर ट्रांसफर करने से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज होने की आशंका है।दोबारा जाएगी पुलिस: एसआईटी की टीम पहले भी बरेली से कुछ दस्तावेज जब्त कर चुकी है, लेकिन बयानों के बाद ठोस सबूत और डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए टीम दोबारा बरेली में छापेमारी करने की तैयारी में है। कैबिनेट मंत्री ने सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो शेयर किए थे, जिनमें उनके पति और पूर्व महिला मैनेजर के बीच बातचीत हो रही थी। इसमें कथित तौर पर मंत्री को रास्ते से हटाने और संपत्ति के बंटवारे की बातें थीं। फॉरेंसिक लैब भेजे गए सबूत: उत्तराखंड पुलिस की नवगठित एसआईटी ने इन दोनों ऑडियो रिकॉर्डिंग्स को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिया है ताकि तकनीकी रूप से इसकी प्रामाणिकता जांची जा सके।39 मुकदमों का रिकॉर्ड खंगाला: बरेली पुलिस भी अब आरोपी पप्पू गिरधारी पर शिकंजा कस रही है। वर्ष 1990 के जैन दंपती हत्याकांड समेत हत्या, गैंगस्टर और धोखाधड़ी के 39 मुकदमों के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।