जी हां दोस्तो चंपावत के चर्चित मामले में अब एक नया पत्र सामने आने के बाद सोशल मीडिया में हलचल तेज हो गई है, एक ऐसा पत्र जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, Gang Rape In Champawat हालांकि दोस्तो मै अपको पहले ही ये बता दूं कि मै इस पत्र की पुष्टी नहीं करता, अब जब सोशल मीडिया में आया ही है तो सवाल तो होगा ही तो क्या पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है? क्या सचमुच इस मामले को दबाने की कोशिश हो रही है?और अगर ऐसा है तो आखिर किसके इशारे पर? पूरी खबर और वो पत्र भी दिखाउंगा जिसने चंपवात के इस केस में बवाल मचा दिया है, क्योंकि दोस्तो जो इस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित पत्र में दावा किया गया है कि पीड़िता के परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही और बहुत कुछ है एक एक चीज बताउँगा। दोस्तो मै उस पत्र की बात करूं और कैसे चंपवात के इस हिला देने वाले मामले को क्या दबाने की कोशिश होने लगी है, ये आक्रोष सियासी भी हो सकता है, लेकिन इस आज सवाल नहीं करूंगा वो इसलिए क्योंकि कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर जब पूरा उत्तराखंड आक्रोशित दिखाई दे रहा है तो फिर इन तस्वीरों को सियासी समझ कर नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि न्याय के तौर देखा जाना क्योंकि मामला हमारी आपकी बेटियों की असत पर मंडरा रहे बड़े संकट का है इस लिए सियासी चश्मा उतारकर आज तो देख ही सकते हैं लेकिन सवाल भी है कि क्यों नहीं बीजेपी की तरफ से इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही है क्यों नहीं आ रही है, जहां छोटे हर मुद्दे पर बीजेपी के छोटे से लेकर बड़ा नेता बयान देने में पीछे नहीं रहता था तो आज क्यों नहीं कुछ कहा जा रहा है। खैर ऐसा ही कुछ अंकिता भंडारी केश में भी देखा था उत्तराखंड वालों ने लेकिन कांग्रेस तो उग्र प्रदर्शन कर सवाल पूछ रही है। दोस्तो ये हंगामा और ये सियासत होती रहेगी इस बात भी करता रहुंगा लेकिन अभी बात करूंगा उस वायरल पत्र की जो सीधे पुलिस के आला अधिकारी को लिखा गया है और कहा ये जा रहा है कि पीडित परिवार के किसी सदस्य द्वारा ये पत्र लिखा गया है। दोस्तो में यहां तक कि पैसों के ऑफर और परिवार को पुलिस हिरासत में रखने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं पूरा पत्र कुछ इस तरह से है।
दिनांक: 07/05/2026
सेवा में,
पुलिस अधीक्षक, चम्पावत
विषय: मेरी बहन / परिजनों का पता नहीं है। पुलिस द्वारा दबाव बनाया जा रहा है कम्प्रोमाइज के लिए महोदय।
मैं नवीन सिंह निवासी हस्टोला और पीड़िता लड़की का भाई हूँ। मैं आपको अवगत कराना चाहता हूँ कि मेरी बहन के साथ एक गंभीर अपराध POCSO गैं’ग रे’प हुआ है, जिसका मामला दर्ज कराया गया था। दुर्भाग्यवश, पुलिस द्वारा हममें दबाव बनाया जा रहा है। हम मामले को समझौते के माध्यम से सुलझाने की सूचना दे रहे हैं, जिसकी जानकारी पीड़ित के पिता मेरे चाचा द्वारा दी जा रही है। चाचा ने मुझे बताया जिसमें 50 लाख का ऑफर आरोपियों द्वारा दिया जा रहा है और हमें यह भी बताया जा रहा है कि हमारे परिवार को पुलिस ने कल अपनी हिरासत में रखा है और उनका कोई पता नहीं है।
मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि कृपया इस मामले की जांच स्वयं करें, और मेरे परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, तथा दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करें, तथा मेरी बात मेरे चाचा श्री पदम सिंह से करवाही जाए।
आपकी सहायता की प्रतीक्षा में।
भवदीय
नवीन सिंह बोहरा
दोस्तो अगर ये आरोप सही हैं तो सवाल सिर्फ एक अपराध का नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर खड़ा होता है क्या सही में पीडि़्त परिवार गायब है। आखिर पीड़ित परिवार कहां है?क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है या फिर कहीं कुछ छुपाने की कोशिश हो रही है?दोस्तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस लगातार निष्पक्ष कार्रवाई का दावा कर रही है। लेकिन सोशल मीडिया में वायरल इस पत्र ने लोगों के मन में कई नई आशंकाएं पैदा कर दी हैं।तो आखिर इस पत्र का सच क्या है?क्या ये वाकई पीड़ित पक्ष की आवाज है या फिर मामले को नया मोड़ देने की कोशिश?