चंपावत में दर्दनाक वारदात ! | BJP | Law And Order | Women Safety | Justice | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो अपनी देवभूमि से आई इस बड़ी खबर ने चौका दिया, क्या देवभूमि में सुरक्षित नहीं हैं बेटियां? चंपावत से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है जहां एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। Brutality Against Girl In Champawat आरोप है कि चाकू की नोंक पर इस घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया और सबसे चौंकाने वाली बात—इस मामले में एक बड़े स्थानीय नेता का नाम भी सामने आ रहा है! कैसे चंपावत की इस घटना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिये बताऊं आपको पूरी खबर। दोस्तो चंपावत से शर्मसार करने वाला मामला सामने आया, यहां नाबालिग बच्ची के साथ चाकू की नोंक पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बच्ची को बंद कमरे में छोड़ फरार हो गए। सबसे चौकाने वाली बात ये इस कांड के पीछे बीजेपी के स्थानीय बड़े नेता का नाम भी सामने आ रहा है। घटना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर की है। मिली जानकरी के अनुसार 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा 5 मई की शाम को दोस्त की मेहंदी में शामिल होने के लिए घर से निकली थी। लेकिन देर रात भी वो घर नहीं लौटी। पिता ने बताया कि रात करीब 10 बजे बेटी का फोन आया, जिसके तुरंत बाद फोन स्विच ऑफ हो गया। दोस्तो अनहोनी की आशंका को देख परिजन पुलिस के पास गए। देर रात बच्ची की तलाश शुरू की। सुबह करीब 4 बजे नाबालिग एक बंद कमरे में निवस्त्र अवस्था में मिली और उसके हाथ-पांव भी बंधे हुए थे। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल के लिए भेज दिया है। दोस्तोबताया जा रहा है आरोपितों में एक बीजेपी मंडल के उपाध्यक्ष, पूर्व प्रधान और एक छात्र शामिल है। आरोपी छात्र पूर्व प्रधान का भतीजा है, जिस पर अब कांग्रेस सवाल उठा रही है।

दोस्तो आरोपियों के बीजेपी से कनैक्शन के बाद सियासी शोर सुरू हो चुका है नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी एक प्रेस रीलीज जारी कर कहा देवभूमि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। प्रदेश में आज “रक्षक ही भक्षक” बनते दिखाई दे रहे हैं और भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।चम्पावत की शांत वादियों में घटी दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे उत्तराखंड को शर्मसार कर दिया है। दोस्त की मेहंदी रस्म में गई 10वीं की एक छात्रा के साथ तीन युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता के पिता ने भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, एक पूर्व प्रधान और एक छात्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र और पूर्व प्रधान चाचा-भतीजा हैं। दोस्तो सियासी सवालों के बीच आपको ये बता दूं कि बच्ची के पिता बीमार रहते हैं। पिता को इलाज के लिए ही वे गांव से चंपावत लेकर आई थी। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्ची आइसक्रीम पार्लर में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर बीमार पिता का इलाज करवा रही थी, लेकिन उसके साथ दरिंदों ने सारी हद पार कर डाली। अब पुलिस इस पूरे मामले पर जांच की बात कर रही है। क्या अब देवभूमि में भी बेटियां सुरक्षित नहीं रहीं?चंपावत की ये दर्दनाक घटना सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल है। क्या कानून का डर खत्म हो चुका है?क्या सियासत के साए में अपराधी बेखौफ हो गए हैं? और सबसे बड़ा सवाल—आखिर कब मिलेगा पीड़िता को इंसाफ? एक मासूम जो अपने परिवार का सहारा बन रही थी आज दरिंदगी का शिकार हो गई। सियासत अपने आरोप-प्रत्यारोप में उलझी है, लेकिन ज़रूरत है सख्त कार्रवाई की, ताकि दोषियों को ऐसी सजा मिले जो मिसाल बने अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं कि क्या सच सामने आएगा और क्या इस बार इंसाफ होगा?