BJP विधायक ने क्या कहा? चंपावत केस पर हंगामा | Justice For Victim | BJP Leader | Uttarakhand News

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दोस्तो चंपावत का मामला अब सिर्फ एक आपराधिक केस नहीं, बल्कि एक बड़ा सियासी मुद्दा बनता जा रहा है।सड़क पर उतरे लोग आरोपियों को फांसी देने की मांग और अब पहली बार बीजेपी विधायक का बयान भी सामने आ गया है।Brutality Against Girl In Champawat लेकिन सवाल ये है आखिर विधायक ने ऐसा क्या कहा जिसके बाद मामला और गरमा गया?क्या जनता का गुस्सा अब दबाव बना रहा है?और क्या इस पूरे मामले में राजनीति भी खुलकर शुरू हो चुकी है? दोस्तो चंपावत की इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मांग तेज हो रही है तो दूसरी तरफ लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं। आखिर आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों हैं?क्या जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है या फिर कहीं न कहीं सवालों से बचने की कोशिश हो रही है?इधर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लोगों में भारी आक्रोश दिखाई दे रहा है। वहीं अब बीजेपी विधायक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।तो आखिर विधायक ने क्या कहा?और क्या इस मामले में जल्द कोई बड़ा एक्शन देखने को मिलेगा?चंपावत केस में बढ़ते सियासी भूचाल, जनता के गुस्से और उस बयान की जिसकी पूरे उत्तराखंड में चर्चा हो रही है।

चंपावत मामले में आया भाजपा विधायक का बयान। लेकिन जब चर्चा में बीजेपी के नेता का नाम हो तो क्यों नहीं वो जिस सियासी दल से जुड़ा है उसका नाम नहीं आएगा। ये आक्रोष सियासी भी हो सकता है लेकिन इस आज सवाल नहीं करूंगा वो इसलिए क्योंकि कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर जब पूरा उत्तराखंड आक्रोशित दिखाई दे रहा है तो फिर इन तस्वीरों को सियासी समझ कर नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि न्याय के तौर देखा जाना क्योंकि मामला हमारी आपकी बेटियों की असत पर मंडरा रहे बड़े संकट का है इस लिए सियासी चश्मा उतारकर आज तो देख ही सकते हैं, लेकिन सवाल भी है कि क्यों नहीं बीजेपी की तरफ से इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही है क्यों नहीं आ रही है जहां छोटे हर मुद्दे पर बीजेपी के छोटे से लेकर बड़ा नेता बयान देने में पीछे नहीं रहता था तो आज क्यों नहीं कुछ कहा जा रहा है। खैर ऐसा ही कुछ अंकिता भंडारी केश में भी देखा था उत्तराखंड वालों ने लेकिन कांग्रेस तो उग्र प्रदर्शन कर सवाल पूछ रही है। उत्तराखंड के चंपावत क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के साथ समूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ द्वारा प्रेसवार्ता की गयी। जिसमे इस घटना को जघन्य एवं शर्मनाक बताया और गहरा शोक व्यक्त किया गया। वहीं ये भी बताया गया कि एक तरफ तो सरकार नारी वंदन और नारी शक्ति की बात करती है।

वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड में महिला व बेटियां अपने आपको असुरक्षित महसूस करती हैं।जबकि चंपावत जो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कर्मस्थली माना जाती हैं। वहीं ऐसे जघन्य अपराध होते है। तो दोस्तो चंपावत का ये मामला अब सिर्फ एक FIR या एक राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रह गया है। अब ये मामला जनता के गुस्से बेटियों की सुरक्षा और सिस्टम पर भरोसे की बड़ी परीक्षा बन चुका है।सड़क पर लोग इंसाफ मांग रहे हैं, विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है और पूरा उत्तराखंड ये जानना चाहता है कि आखिर आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी?क्या इस मामले में भी सिर्फ बयानबाज़ी ही होती रहेगी?या फिर सच में कोई ऐसा कदम उठेगा, जो बेटियों को सुरक्षा का भरोसा दे सके?क्योंकि सवाल सिर्फ चंपावत का नहीं है सवाल हर उस बेटी का है जो उत्तराखंड में खुद को सुरक्षित महसूस करना चाहती है।फिलहाल पुलिस जांच जारी होने की बात कह रही है, लेकिन जनता अब कार्रवाई देखना चाहती है और वो भी जल्द।अब देखना होगा कि इस मामले में आने वाले दिनों में क्या बड़ा खुलासा होता है और क्या पीड़िता को इंसाफ मिल पाता है या नहीं।