दोस्तो, अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर सबसे बड़ा सवाल सामने है—आखिर वो VIP कौन है, जिसका नाम इस मामले से जुड़े दावों में बार-बार उछाला जा रहा है? 46 ऑडियो क्लिप को लेकर किए गए दावे, पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर से पूछताछ और उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट पर टिकी निगाहे। इस मामले ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन ध्यान दीजिए—ऑडियो में क्या है, दावों में कितनी सच्चाई है और जांच में अब तक क्या सामने आया है, इन सबका जवाब सबूतों से ही मिलेगा। क्या उर्मिला सनावर के बयान से जांच को कोई नई दिशा मिलेगी? और क्या कथित VIP से जुड़े सवालों का जवाब मिल पाएगा? अंकिता को इंसाफ की इस लड़ाई में अब आगे क्या होगा। देवभूमि उत्तराखंड को झकझोर देने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड में वो भूचाल आया है, जिसने देहरादून से लेकर दिल्ली तक की सियासी कुर्सियों को हिला कर रख दिया है! अंकिता के हत्यारे सलाखों के पीछे हैं, लेकिन वो ‘मास्टरमाइंड’ वो रसूखदार ‘VIP’ कौन है, जिसका नाम सुनते ही सिस्टम के हाथ-पांव फूल जाते थे? दोस्तो अब उस VIP के सीने में दफन राज को बाहर निकालने के लिए देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI ने चक्रव्यूह तैयार कर लिया है! आज यानी 23 अक्टूबर की तारीख बहुत बड़ी है। अदालत का समन जारी हो चुका है। अभिनेत्री उर्मिला सनावर कल कोर्ट में खड़ी होंगी और तय होगा कि उनके नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट का काउन्टडाउन कब शुरू होगा!
वहीं दूसरी तरफ, एक पूर्व बीजेपी विधायक के घर में घुसकर सीबीआई ने 3 घंटे तक जो ग्रिलिंग की है, उसने इस पूरे केस की दिशा बदल दी है! 46 ऑडियो क्लिप, एक रसूखदार नेता और एक वो लड़की जो कहती है कि मैं नार्को टेस्ट से नहीं डरती! देखिए हमारी ये खोजी और बेहद आक्रामक स्पेशल रिपोर्ट– ‘नार्को टेस्ट। दोस्तो अंकिता भंडारी, एक ऐसा नाम जो पिछले चार साल से इंसाफ की भीख मांग रहा है। लेकिन अब इंसाफ की इस लड़ाई में एक ऐसा किरदार एंट्री मार चुका है, जिसने बड़े-बड़े सूरमाओं की नींद उड़ा दी है। नाम है– उर्मिला सनावर! उर्मिला सनावर के सहारनपुर स्थित घर पर जब सीबीआई की टीम पहुंचती है, तो पूरे महकमे में हड़कंप मच जाता है। सीबीआई ने उर्मिला के हाथ में थमाया है देहरादून की विशेष सीबीआई अदालत का वो समन, जो कल यानी 23 अक्टूबर को सुबह साढ़े दस बजे उर्मिला को कटघरे में खड़ा करेगा। दोस्तो कानून कहता है कि बिना मर्जी के किसी का नार्को टेस्ट नहीं हो सकता। इसीलिए मजिस्ट्रेट संदीप सिंह भंडारी ने उर्मिला को खुद बुलाया है ये पूछने के लिए कि– ‘क्या तुम तैयार हो?’ और उर्मिला का जवाब सुनिए। उर्मिला ने दहाड़ते हुए कहा है कि ‘मैं देश की बेटी अंकिता को इंसाफ दिलाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाने को तैयार हूँ! मुझे किसी नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट से डर नहीं लगता! दोस्तो लेकिन कहानी सिर्फ नार्को टेस्ट की नहीं है। कहानी है उस ‘एटम बम’ की, जिसे उर्मिला सनावर ने जांच एजेंसियों के हाथ में सौंप दिया है। एक या दो नहीं पूरे 46 ऑडियो क्लिप! उर्मिला का दावा है कि इन कड़ियों में उस रसूखदार, सफेदपोश VIP का कच्चा चिट्ठा छिपा है, जिसने अंकिता की जिंदगी को नर्क बनाया था।
दोस्तो समझिए इसको ऐसे कि ऑडियो बम का पहला धमाका हुआ है हरिद्वार के ज्वालापुर में! पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर के आलीशान बंगले पर जब सीबीआई की टीम ने दस्तक दी, तो हड़कंप मच गया। बंद कमरे में, पूरे 3 घंटे तक सीबीआई के तीखे सवालों के बाणों ने पूर्व विधायक को पसीने-पसीने कर दिया। हालांकि, पूर्व विधायक महोदय इसे ‘एआई’ यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का खेल बता रहे हैं, वो कह रहे हैं कि ऑडियो नकली है। लेकिन सच क्या है? ये अब फॉरेंसिक लैब की वो रिपोर्ट बताएगी, जहाँ ये 46 ऑडियो क्लिप्स जांच के लिए भेजी गई हैं! दोस्तो इस केस में जैसे-जैसे राज खुल रहे हैं, वैसे-वैसे खौफ का साया गहराता जा रहा है। उर्मिला सनावर ने सरेआम ये सनसनीखेज दावा किया है कि इस केस में बड़े-बड़े नामों को बचाने के लिए उन्हें चुप रहने के एवज में करोड़ों रुपयों का ऑफर दिया गया! जब उर्मिला नहीं बिकीं, तो अब उन्हें धमकियां मिल रही हैं। उर्मिला ने रोते हुए नहीं, बल्कि गुस्से में सरकार से सुरक्षा की मांग की है। सवाल ये है कि आखिर वो कौन सा मगरमच्छ है, जो उर्मिला का मुंह बंद करने के लिए पानी की तरह पैसा बहाने को तैयार है? दोस्तो अंकिता के बूढ़े मां-बाप की आंखों के आंसू अब सूख चुके हैं, लेकिन उनके सीने की आग नहीं बुझी है। दिल्ली के इंडिया गेट पर जब इस बूढ़े बाप और बेबस मां ने धरना दिया, तो दिल्ली का दिल दहल गया। सांसद अनिल बलूनी की मदद से जब इस पीड़ित परिवार की मुलाकात दिल्ली के सीबीआई मुख्यालय में देश के सबसे बड़े जांच अधिकारियों से हुई, तो सीबीआई ने भी ठान लिया कि अब किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा। देहरादून की एसआईटी (SIT) ने उर्मिला से 5 घंटे पूछताछ की, सीबीआई की 4 सदस्यीय टीम ने 4 घंटे पूछताछ की, यानी घेराबंदी पूरी है! दोस्तो अब घड़ी की सुइयां टिक-टिक कर आगे बढ़ रही हैं। 23 अक्टूबर की सुबह 10:30 बजे जब देहरादून की अदालत में उर्मिला सनावर कदम रखेंगी, तो सिर्फ एक टेस्ट की मंजूरी नहीं होगी, बल्कि ये उस कयामत की शुरुआत होगी जो उत्तराखंड के कई सफेदपोशों के सियासी करियर को हमेशा-हमेशा के लिए दफन कर देगी। सवाल बड़ा है। क्या नार्को टेस्ट के बाद उस ‘VIP’ का चेहरा बेनकाब होगा? क्या अंकिता की आत्मा को आखिरकार वो सुकून मिलेगा जिसका इंतजार पूरा देश कर रहा है?