5 साल का हिसाब और सामने जनता का सवाल! सल्ट में बीजेपी विधायक महेश जीना के खिलाफ नाराजगी की तस्वीरें सामने आई हैं। आरोप है कि सवालों के बीच माहौल गरमा गया और मामला बहस तक पहुंच गया। वीडियो वायरल होने के बाद सियासत तेज है, विपक्ष हमलावर है, बीजेपी अपना पक्ष रख रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल— क्या 2027 से पहले जनता अपने विधायक से जवाब मांग रही है? तो जवाब मिलना चाहिए य़ा पुलिसिया धंका बताऊंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो चुनाव से पहले सल्ट की सियासत में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। 5 साल के कामकाज का हिसाब मांगने पहुंची जनता और बीजेपी विधायक महेश जीना के बीच हुए विवाद ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। वायरल वीडियो के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जनता के सवालों का जवाब क्या होगा? क्या ये सिर्फ एक विरोध था या फिर 2027 चुनाव से पहले बदलते जनभावना का संकेत? दोस्तो ये वीडियो तब सामने आया है जब इससे पहले सल्ट वाले बीजेपी विधायक चर्बी निकाल रहे थे और उसके बाद जनता सीधे जीन के आवास पर पहुंच पिछले 5 साल का हिसाब मांग रही है, लेकिन पुलिसिया बैरियर को कुछ इस कदर लगाया गया है कि कोई विधायक जीना से सवाल ही नहीं कर सके और जीन अब इधर से ऊधर भाग रहे हैं या कहूं जनता के सवालों से भागते फिर रहे हैं, जी हां दोस्तो ये वीडियो वो जड़ जीना के अहंकार की जो अब बीजेपी के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर रही है। इस चर्बी उतारने वाले बयान पर बीजेपी क्या कह रही है वो दिखाउंग एससे पहले आप को ये वीडियो देखना चाहिए और आक्रोश भी। इसके साथ आप ये समझपाएंगे की इस विवाद की जड़ आखिर है क्या।
दोस्तो ये तो आप इस वीडियो को देख कर समझ गए होंगे कि विवाद क्या है और विवाद के बाद आक्रोश क्या कहता है, लेकिन दोस्तो सल्ट विधायक महेश जीना के वायरल वीडियो पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष के हमलों के बीच अब बीजेपी ने भी पलटवार किया है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने कहा है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल समाज के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उनका आरोप है कि विपक्षी दल जानबूझकर बीजेपी के जनप्रतिनिधियों को उकसाने की कोशिश करते हैं, ताकि उनकी किसी प्रतिक्रिया को रिकॉर्ड कर वायरल किया जा सके और राजनीतिक माहौल बनाया जा सके। दोस्तो बीजेपी का दावा है कि कई बार सवालों और परिस्थितियों को इस तरह तैयार किया जाता है, जिससे जनप्रतिनिधि भावनाओं में आकर कोई बयान दे दें। लेकिन सवाल अब भी वही है। क्या वायरल वीडियो सिर्फ एक राजनीतिक साजिश है या फिर जनता के सवालों से जुड़ा कोई मुद्दा? इस पूरे मामले पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
2016-2021: पुराने आपराधिक मामलों का जिक्र
2022 विधानसभा चुनाव के हलफनामे में महेश जीना ने अपने खिलाफ दो लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी।इनमें मारपीट, धमकी, गलत तरीके से रोकना, अपमान और नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं का उल्लेख था।
2024: देहरादून नगर निगम विवाद
विवाद क्यों हुआ? मार्च 2024 में देहरादून नगर निगम में नगर आयुक्त और कर्मचारियों के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया।आरोपों के बाद विधायक महेश जीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की खबर आई।
2024: कथित ऑडियो वायरल विवाद
2024 में विधायक महेश जीना से जुड़ा एक कथित ऑडियो वायरल हुआ।विरोधियों ने आरोप लगाया कि इसमें आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। मामले को लेकर विपक्षी दलों ने कार्रवाई की मांग की।
2026: यूकेडी नेता के पिता से कथित बातचीत का ऑडियो विवाद
जून 2026 में एक और कथित ऑडियो वायरल हुआ।यूकेडी नेताओं ने आरोप लगाया कि विधायक ने अभद्र भाषा और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया।इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई
जिला पंचायत सदस्य से बहस/टकराव
2026 में एक कार्यक्रम/जनता दरबार से जुड़ा वीडियो सामने आया जिसमें विधायक और जिला पंचायत सदस्य के बीच तीखी बहस दिखाई देने का दावा किया गया,मामला स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना।
2026: “चर्बी उतार दूंगा” वाला वायरल वीडियो विवाद
अगस्त 2026 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें विधायक महेश जीना के कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ।वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
तो दोस्तों, सल्ट की सियासत में सवाल सिर्फ एक वायरल वीडियो का नहीं है। सवाल है जनता और जनप्रतिनिधि के बीच भरोसे का।एक तरफ बीजेपी कह रही है कि सोशल मीडिया के जरिए माहौल बनाया जा रहा है और जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं विपक्ष और स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर जनता अपने विधायक से पांच साल के काम का हिसाब मांग रही है तो जवाब मिलना चाहिए। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सल्ट में ये विवाद बीजेपी विधायक महेश जीना के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में जनता इन विवादों को कितना मुद्दा बनाती है और विधायक महेश जीना अपने काम और जवाबों से इस नाराजगी को कितना शांत कर पाते हैं।फिलहाल सल्ट की सियासत गर्म है। आरोपों और जवाबों का दौर जारी है, लेकिन लोकतंत्र में सबसे बड़ा फैसला जनता की अदालत ही करती है।