जनपद चमोली के सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार को विकासखंड पोखरी के अंतर्गत ग्राम पंचायत नैल के सिदेली तोक में घास काटने निकलीं दो महिलाओं पर भालू ने धावा बोल दिया। भालू के हमले और उससे बचने की जद्दोजहद में दोनों महिलाएं पहाड़ी की खड़ी चट्टान से सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरीं। विमला देवी (55 वर्ष) और उनकी देवरानी लक्ष्मी देवी (42 वर्ष) अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर मवेशियों के लिए चारा जुटा रही थीं। झाड़ियों में घात लगाए बैठे भालू के अचानक झपट्टा मारने से दोनों महिलाएं खुद को संभाल नहीं पाईं और जान बचाने की कोशिश में पहाड़ी की खड़ी चट्टान से सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरीं। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक जेठानी विमला देवी दम तोड़ चुकी थीं। इस भयावह घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने गंभीर रूप से घायल लक्ष्मी देवी को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट करने की कोशिश की, लेकिन मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिसके बाद उन्हें आपातकालीन एम्बुलेंस से श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग करते हुए वन विभाग से आबादी वाले क्षेत्रों में तुरंत गश्त बढ़ाने और हमलावर भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की सख्त अपील की है।