उत्तराखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर! देवभूमि में राजनीतिक पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है, क्योंकि आने वाली 7 सितंबर को राज्य में एक बहुत बड़ा राजनीतिक संग्राम होने जा रहा है! एक तरफ जहाँ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पूरी ताकत के साथ देहरादून में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए कूच करने वाली है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी बीजेपी ने भी चुप बैठने के बजाय ईंट का जवाब पत्थर से देने की तैयारी कर ली है। 7 सितंबर को ही बीजेपी प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ बड़ा धरना प्रदर्शन करने जा रही है! यानी सोमवार को पूरा उत्तराखंड राजनीतिक अखाड़ा बनने वाला है। आखिर क्यों अचानक दोनों दल आमने-सामने आ गए हैं? और क्या है इस महासंग्राम के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी? चलिए आपको बताते हैं इस पूरी रिपोर्ट में! दोस्तो उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पहाड़ों की बदहाली जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब आक्रामक मोड में आ चुकी है और इस आक्रोश पर तड़का डाला है राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में मुकदने ने, दोस्तो एक तरफ राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर उत्तराखंड की सियासत में खबरी तैंरी तो वहीं नैनीतिला एसएसएसपी को सामने आ कर हिदायत देनी पड़ी। हम जैसे लोगों को जो राहुल गांधी के खिलाफ एससी एटी मुकदमें के बाद सवाल कर रहे है कि क्या राहुल गांधी की गिरफ्तारी होगी, नहीं होगी तो क्या होगा। इसको लेकर खबरों का बाजार गर्माया हुआ है, लेकिन ऊधर कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस ने 7 सितंबर को देहरादून में ‘सीएम आवास कूच’ का एक मेगा प्लान तैयार किया है। इस प्रदर्शन में राज्य के कोने-कोने से हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और दिग्गज नेताओं के देहरादून पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
कांग्रेस का साफ कहना है कि धामी सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हुई है और वे अब जनता की आवाज बनकर सरकार के नाक में दम कर देंगे, तो कांग्रेस का प्लान तो आपके सामने आ गया लेकिन गर कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है, तो सत्ताधारी बीजेपी ने भी ऐसी घेराबंदी की है कि कांग्रेस के चक्रव्यूह के परखच्चे उड़ जाएं। कांग्रेस के इस प्रदर्शन की हवा निकालने के लिए बीजेपी ने उसी दिन यानी 7 सितंबर को राज्य के सभी 13 जिलों में एक साथ महा-धरना प्रदर्शन का एलान कर दिया है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस केवल राजनीति चमकाने के लिए जनता को गुमराह कर रही है। बीजेपी के कार्यकर्ता हर जिले में धरना देकर केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता के सामने रखेंगे और कांग्रेस के झूठ को बेनकाब करेंगे। दोस्तो 7 सितंबर को होने वाले इस दोतरफा सियासी घमासान ने उत्तराखंड पुलिस और खुफिया एजेंसियों (एलआईयू) की नींद उड़ा दी है। राजधानी देहरादून को हाई अलर्ट पर रखा जा रहा है। दोस्तो साफ है कि 7 सितंबर का दिन उत्तराखंड की राजनीति के लिए बेहद टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है। एक तरफ जहां कांग्रेस इस बड़े प्रदर्शन के जरिए 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी जमीन मजबूत करना चाहती है, वहीं बीजेपी अपने देशव्यापी संगठन के बूते कांग्रेस को पटखनी देने के मूड में है। अब देखना यह होगा कि इस राजनीतिक संग्राम में कौन बाजी मारता है। दोस्तो 7 सितंबर को होने वाले इस राजनीतिक दंगल पर आपकी क्या राय है? क्या कांग्रेस सरकार को घेरने में कामयाब होगी या बीजेपी का पलटवार भारी पड़ेगा? कमेंट