दोस्तो उत्तराखंड के चर्चित चंपावत मामले में अब एक ऐसा मोड़ आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है जिस केस को लेकर पूरे प्रदेश में गुस्सा था सियासत गरमाई हुई थी और इंसाफ की मांग को लेकर आवाजें उठ रही थी। अब उसी मामले में पीड़िता के बयान ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर उस रात क्या हुआ था?क्यों रची गई इतनी हिला देने वाली कहानी?क्या सच वही था जो अब तक बताया जा रहा था या इसके पीछे कोई और साजिश थी? इस पूरे घटना क्रम में नए मोड़ पर होते बवाल को भी दिखाउंगा क्योंकि मामले पर चुप बैठी बीजेपी ने अब कैसे कांग्रेस पर कर दी सियासी चढाई। दोस्तो चंपावत केस में पहली बार पीड़िता ने खुद सामने आकर कई अहम बातें कबूल की हैं और जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी है। सच्चाई जानकर हर कोई हैरान है, क्योंकि जिस घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। अब उसी केस में नए खुलासों ने बहस छेड़ दी है सबसे पहले में आपको पीड़िता का वो बयान दिखा रहा हूं जो इस मामले में सबसे पहला कबूल नामा है। जी हां दोस्तो बीते दो तीन दिनों से जिस खबर ने पूरे उत्तराखंड में खलबली मचाई उसका अंत ऐसे हुआ कि वो एक साजिश निकली, ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था जिस पर सवाल हो रहा था, लेकिन दोस्तो इस पूरे मामले में कई सवाल हैं। उस सवालों से ऊपर इस मामले में जहां बीजेपी नेता का नाम आ रहा था। वहीं केस में हुए नये खुलासे में आरोपी कांग्रेस के नेता हो गए और इस पर बीजेपी कांग्रेस पर बड़ा हमला बोल रही है कह रही है कि एक नहीं कई मामलों को गिना रही है और साजिशों के बल पर उत्तराखंड कि सियासत में आने वाली है।
तो दोस्तो उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि एक के बाद एक घटनाओं में कांग्रेस लगातार बेनकाब हो रही है। बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान का कहना है कि जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस सरकार और सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही थी। अब उन्हीं मामलों में नए खुलासों ने कांग्रेस की राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन दोस्तो क्या ऐसा ही हो रहा है जैसा बीजेपी कह रही है या फिर कुछ और लेकिन कांग्रेस के कुछ सवाल हैं उनको भी देख लीजिएग। गोदियाल यहीं नहीं रुकते वो कहते हैं कि जिस परिवार ने अपनी बेटी से जुड़ी घटना को लेकर पहले लिखित शिकायत दी थी, अब वही परिवार अपना बयान बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। इससे कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जो लोग पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर न्याय की मांग कर रहे थे, अब उन्हीं लोगों को प्रताड़ना झेलने की खबरें सामने आ रही हैं। वैसे दोसतो सियासी सवाल जवाब अपनी जगह हैं, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई बड़ी तेजी की बल इमसें तरीफ तो होनी चाहिए। जहां दिन महिने लग जाते हैं किसी मामले से पूरी तरह से पर्दा उठने में कई केस तो सालों से उत्तराखंड पुलिस की पोथियों में धूल फांक रहे हैं, लेकिन इस चंपवात केस में पुलिस का एक्शन गजब का रहा है, लेकिन सवाल तो इस बात का भी होना चाहिए कि जिन लोगों ने साजिश की। पूरे उत्तराखंड को पेनिक मोड में ला दिया फिर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। क्या उन लोगों पर कोई कार्रवाई हुई या फिर नहीं इस पर अभी कोई अपडेट नहीं है, लेकिन दोस्तो आप क्या कहेंगे इस चौकने वाले मामले में साजिश निकला परिणाम।