उत्तराखंड के लाखों पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। धामी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 7 लाख 50 हजार पेंशनर्स के लिए 111 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। जी हां, सरकार के इस फैसले से बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और अन्य पेंशन लाभार्थियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। क्या इससे पेंशन वितरण में आ रही परेशानियां अब खत्म हो जाएंगी? दोस्तो लगातार पेंशन को लेकर उठ रहे सवालों और इंतजार के बीच सरकार की इस घोषणा को बड़ा राहत पैकेज माना जा रहा है, तो आखिर सरकार ने क्या बड़ा ऐलान किया है?किन योजनाओं के तहत ये पैसा जारी हुआ है?और इसका फायदा प्रदेश के किन-किन लोगों को मिलेगा? बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। जी हां दोस्तो उत्तराखंड में लाखों पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले लाखों लाभार्थियों के लिए अप्रैल माह की पेंशन राशि जारी कर दी है। जी हां, मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के जरिए। 7 लाख 56 हजार 682 लाभार्थियों के खातों में कुल 111 करोड़ 82 लाख 52 हजार रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की। दोस्तो डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से भेजी गई इस राशि से प्रदेश के लाखों जरूरतमंद लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। दोस्तो, ये सिर्फ एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है बल्कि उन लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत है जो हर महीने पेंशन के सहारे अपनी जिंदगी चला रहे हैं। इनमें वृद्धजन हैं। विधवा महिलाएं हैं, दिव्यांगजन है।
आर्थिक रूप से कमजोर किसान हैं परित्यक्ता महिलाएं हैं और समाज के वो तमाम लोग हैं जिनके लिए ये पेंशन किसी सहारे से कम नहीं दोस्तो सरकार द्वारा जारी की गई इस राशि का लाभ वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, किसान पेंशन, परित्यक्ता पेंशन, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली पेंशन और बौना पेंशन योजना के लाभार्थियों को मिला है। दोस्तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर काम कर रही है। यानी समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को मजबूत बनाना सरकार की जिम्मेदारी है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। दोस्तो सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश भी दिए उन्होंने कहा कि राज्यभर में बहुद्देशीय शिविर लगातार आयोजित किए जाएं ताकि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंच सके। दोस्तो बात ये रही कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हर साल 59 वर्ष की आयु पूरी करने वाले लोगों का पहले से सर्वे किया जाए। कि जैसे ही कोई व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूरी करे उसे बिना किसी देरी के पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाए। दोस्तो, अक्सर देखा जाता है कि लोग महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहते है। दस्तावेज जमा करने से लेकर सत्यापन तक की प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है।लेकिन अगर सरकार की ये व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है तो हजारों बुजुर्गों को बड़ी राहत मिल सकती है।
दोस्तो मुख्यमंत्री ने योजनाओं के दायरे को बढ़ाने की दिशा में भी बात कही उन्होंने कहा कि वार्षिक आय सीमा को अधिक व्यावहारिक बनाया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोग योजनाओं का लाभ उठा सकें। इसके अलावा उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाए।ताकि आम जनता को अलग-अलग दफ्तरों और वेबसाइट्स के चक्कर न लगाने पड़ें और लोगों को आसानी से जानकारी मिल सके। दोस्तो, समाज कल्याण विभाग को लेकर मुख्यमंत्री ने नवाचार पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि विभाग की अच्छी कार्यप्रणालियों को दूसरे विभागों के साथ भी साझा किया जाए ताकि सरकारी सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों और पेंशनर्स के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के लिए कॉल सेंटर व्यवस्था को भी मजबूत करने की बात कही ताकि लाभार्थियों की समस्याओं को समय रहते सुना और हल किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास ने भी कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समाज कल्याण विभाग हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेंशन योजनाओं में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाया जा रहा है। दोस्तो, उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जहां बुजुर्ग और जरूरतमंद लोग पेंशन के सहारे ही अपना जीवन चलाते हैं। ऐसे में समय पर पेंशन मिलना उनके लिए बहुत बड़ी राहत बन जाता है।धामी सरकार की इस पहल से लाखों लोगों को आर्थिक सहारा मिलेगा।वृद्धजनों को अपनी दवाइयों और जरूरी खर्चों में मदद मिलेगी। विधवा महिलाओं को सहारा मिलेगा दिव्यांगजनों को राहत मिलेगी और समाज के कमजोर वर्गों को सरकार के प्रति भरोसा भी मजबूत होगा।फिलहाल सरकार का कहना है कि आने वाले समय में योजनाओं को और ज्यादा प्रभावी और सरल बनाया जाएगा ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी सहायता पाने में परेशानी न हो।कुल मिलाकर 111 करोड़ रुपये की इस बड़ी राशि ने प्रदेश के लाखों पेंशनर्स के चेहरे पर राहत और उम्मीद की मुस्कान जरूर ला दी है।