दोस्तो, उत्तराखंड में दलेर मेहंदी के शो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मीका सिंह की चुनौती तक पहुंच गया है! मीका सिंह ने मंत्री सुबोध उनियाल से माफी की मांग करते हुए उत्तराखंड में मुफ्त शो करने का ऑफर दिया है। वहीं, भाजपा नेता विनय गोयल ने भी दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं। आखिर मां कुंजापुरी के धार्मिक आयोजन में ऐसा क्या हुआ कि संगीत से शुरू हुआ मामला सियासी बहस बन गया? और क्या है उत्तराखंड के मंत्री को मीका सिंह का चैलैंज। दोस्तो देवभूमि उत्तराखंड की सियासत से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और मनोरंजन जगत से जुड़ी सबसे बड़ी राजनीतिक खबर! लोक संस्कृति और धार्मिक आयोजनों की भूमि उत्तराखंड में इस समय सुरों की तान पर नहीं, बल्कि आरोपों की बौछार पर संग्राम छिड़ा है। दोस्तो मशहूर सिंगर दलेर मेहंदी के एक शो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उत्तराखंड सरकार बनाम बॉलीवुड सिंगर्स की जंग बन चुका है। दलेर मेहंदी पर लगे आरोपों के बाद उनके भाई और बॉलीवुड के ‘पावरहाउस’ मीका सिंह ने सीधे धामी सरकार के कद्दावर मंत्री सुबोध उनियाल को ललकारा है। मीका ने कहा है— ‘मंत्री जी माफी मांगिए, मैं उत्तराखंड में फ्री में शो करूंगा!’ दोस्तो आप जरा इस एक्स पोस्ट को देखिए क्या लिखा है गौर कीजिए लिखा है।सर, आपने 35 लाख रुपये नकद दिए थे या चेक के माध्यम से? अगर आपके पास भुगतान की रसीदें हैं, तो कृपया उन्हें सार्वजनिक करें, ताकि सभी को सच्चाई पता चल सके। धन्यवाद! @SubodhUniyal
दोस्तो उत्तराखंड के पवित्र नवरात्रि उत्सव के दौरान मां कुंजापुरी के धार्मिक आयोजन में मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी पहुंचे थे। उम्मीद थी कि भक्ति और संगीत का अनूठा संगम होगा, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट। आरोप लगा कि कार्यक्रम में मर्यादाओं को ताक पर रखकर, कथित तौर पर शराब पीकर प्रस्तुति दी गई। इस बात ने देवभूमि के सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया। इधर उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विनय गोयल ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि दलेर मेहंदी के प्रशंसक जरूर हैं, लेकिन मां कुंजापुरी के सम्मान के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने सवाल दागा कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, तो आयोजकों को पहले क्यों नहीं बताया गया? इधर दोस्तो प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मामले को मेनेज करने की बात कर रहे हैं। इन बयानों से अलग दोस्तो जब दलेर मेहंदी पर आरोपों के तीर चले, तो उनके भाई और बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह ने कमान संभाल ली। मीका सिंह ने इस पूरे विवाद में सीधे उत्तराखंड सरकार के मंत्री सुबोध उनियाल को निशाने पर ले लिया। मीका ने सोशल मीडिया पर एक ऐसी पोस्ट लिखी जिसने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मीका सिंह का दावा है कि उनके भाई दलेर मेहंदी ने पूरे डेढ़ घंटे तक शानदार प्रस्तुति दी और वहां मौजूद जनता उनके गानों पर झूम रही थी। इसके बावजूद उन पर शराब पीकर परफॉर्म करने का झूठा लांछन लगाया गया।
दोस्तो अपनी बेबाकी के लिए जाने जाने वाले मीका सिंह ने धामी सरकार के सामने एक बड़ी शर्त और चुनौती रख दी है। मीका ने कहा कि वह उत्तराखंड आने और बिल्कुल मुफ्त (फ्री) में शो करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उससे पहले मंत्री सुबोध उनियाल को दलेर मेहंदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। दोस्तो मीका ने इस सियासी लड़ाई को ‘सम्मान की लड़ाई’ बना दिया है और वह अपने भाई के समर्थन में किसी भी हद तक जाने को तैयार दिख रहे हैं। दोस्तो इस पूरे विवाद का सबसे आक्रामक और तीखा मोड़ तब आया जब मीका सिंह ने सीधा और बड़ा पलटवार किया। मीका ने कार्यक्रम का वीडियो भेजने का दावा करते हुए सीधे सुबोध उनियाल से यक्ष प्रश्न पूछा है कि, यदि वीडियो में खुद मंत्री जी शराब पीकर कार्यक्रम में पहुंचे दिखाई दें, तो क्या उनके खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी जो एक कलाकार के खिलाफ सोची जा रही है? मीका का यह सीधा सवाल सिस्टम की बुनियाद पर चोट करता है कि— क्या नियम, कानून और जवाबदेही इस देश में सबके लिए बराबर नहीं होनी चाहिए? चाहे वो कोई बड़ा कलाकार हो या सरकार का कोई रसूखदार मंत्री! दोस्तो बात अब सिर्फ एक परफॉर्मेंस या किसी कलाकार की तबीयत की नहीं रह गई है। बात अब साख की है, बात अब देवभूमि की धार्मिक मर्यादा की है, और बात अब ‘वीआईपी बनाम आम कलाकार’ के कानून की है। मीका सिंह के इस तीखे वार के बाद अब गेंद उत्तराखंड सरकार और मंत्री सुबोध उनियाल के पाले में है। क्या मंत्री जी मीका सिंह की इस चुनौती को स्वीकार करेंगे? क्या उस वीडियो का सच जनता के सामने आएगा? दोस्तो इस हाई-प्रोफाइल सियासी और म्यूजिकल घमासान की हर एक अपडेट हम आप तक सबसे पहले पहुंचाते रहेंगे। इस पूरे विवाद पर आपकी क्या राय है।