मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच कुंजापुरी मेले में हुआ विवाद अब और गहरा गया है, जिस पर दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी ने इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए अपनी चुप्पी तोड़ी है। गुरदीप ने इस पूरी घटना को ‘बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि घटना के समय वे देश से बाहर थे, लेकिन इस विवाद के बाद से उनका पूरा परिवार भारी मानसिक तनाव (स्ट्रेस) से गुजर रहा है। हालांकि उन्होंने ₹36 लाख की भारी-भरकम फीस के विवाद पर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने अपने पिता का बचाव करते हुए उनके चाचा मीका सिंह और फिल्म इंडस्ट्री को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। गुरदीप ने साफ किया कि दलेर मेहंदी ने परिवार के सामने खुद को ‘फर्स्ट क्लास’ बताकर मामले को संभालने की कोशिश की थी, जिसे लोगों ने गलत संदर्भ में ले लिया।
दूसरी ओर, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल अपने कड़े रुख पर कायम हैं और उन्होंने इस मामले में माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री ने ₹36 लाख की फीस का बचाव करते हुए कहा कि इतनी बड़ी रकम लेने वाले कलाकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे मंच पर अपनी गरिमा बनाए रखें। उनियाल ने तीखे तेवर दिखाते हुए तर्क दिया कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, तो उन्हें आयोजकों को पहले ही सूचित कर देना चाहिए था, न कि मंच पर आकर ऐसा व्यवहार करना चाहिए था। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच उपजा यह गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां एक तरफ सिंगर का परिवार आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है, वहीं मंत्री अपनी बात पर अड़े हुए हैं।