नार्को टेस्ट से पहले उर्मिला गिरफ्तारी, कांग्रेस को किस बात का शक?| Uttarakhand News

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उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो क्लिप मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले की मुख्य कड़ी और अभिनेत्री उर्मिला सनावर को नार्को टेस्ट से ठीक पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उर्मिला ने पहले ही यह दावा किया था कि यदि उनका नार्को टेस्ट लाइव या ऑन-कैमरा कराया जाए, तो वह इस हत्याकांड में शामिल कई बड़े चेहरों और कथित ‘वीआईपी’ (VIP) के नामों का खुलासा कर सकती हैं। हालांकि, टेस्ट की तारीख से ठीक पहले पूर्व भाजपा विधायक की बेटी द्वारा दर्ज कराई गई 5 करोड़ रुपये की रंगदारी और धमकी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उन्हें दबोच लिया, जिससे इस पूरी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

इस अचानक हुई गिरफ्तारी पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुमारी सैलजा और गणेश गोदियाल समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई की टाइमिंग को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए आरोप लगाया है कि सरकार असल गुनहगारों और वीआईपी को बचाने के लिए सच को दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि जब उर्मिला खुद जांच में सहयोग करने और नार्को टेस्ट देने के लिए तैयार थीं, तो अचानक नया मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजना यह दर्शाता है कि सत्ता पक्ष को बड़े खुलासों का डर सता रहा है।