सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के संकल्प के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद ग्राउंड जीरो पर उतर आए हैं। हाल ही में गैरसैंण में विधानसभा सत्र की समाप्ति के बाद उन्होंने देहरादून लौटने के लिए हवाई मार्ग के बजाय सड़क मार्ग का चयन किया, ताकि वे धरातल पर चल रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति देख सकें। इस यात्रा के दौरान सीएम धामी ने श्रीनगर, देवप्रयाग और हरिद्वार-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख मार्गों पर औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जगह-जगह रुककर न केवल चल रहे पैचवर्क और सड़क सुधार कार्यों की गुणवत्ता जांची, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित सुलभ शौचालयों और यात्रियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का भी स्थलीय जायजा लिया।
इस अभियान को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने जनता से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया गुणवत्ता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे पहले, कुमाऊं क्षेत्र में कैंची धाम मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के उद्देश्य से निर्माणाधीन अमृतपुर बाईपास परियोजना का निरीक्षण करते समय एक कच्चे रास्ते पर उनका पैर लड़खड़ा भी गया था, लेकिन वे तुरंत संभलकर दोबारा कार्य की समीक्षा में जुट गए। मुख्यमंत्री का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि राज्य सरकार तय समय सीमा के भीतर प्रदेश की सभी सड़कों को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।