Uttarakhand UCC: धामी सरकार ने बढ़ाया UCC समिति का कार्यकाल, जानें वजह

उत्तराखंड सरकार ने UCC ड्राफ्ट कमेटी का 15 दिन के लिए कार्यकाल को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञ समिति का कार्यकाल चौथी बार बढ़ाया गया है।

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UCC ड्राफ्ट कमेटी का 15 दिन का समय बढ़ा दिया गया है। अब 15 दिन के बाद ही कमेटी मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंप सकती है। Uttarakhand Uniform Civil Code मिली जानकारी के अनुसार 26 जनवरी को विशेष समिति का कार्यकाल समाप्त हो रहा था। जिसके चलते 25 जनवरी को उत्तराखंड सरकार ने 15 दिन के लिए कार्यकाल को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञ समिति का कार्यकाल चौथी बार बढ़ाया गया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि विधानसभा बजट सत्र के दौरान ही नागरिक संहिता कानून के विधायक को सदन के पटल पर रखा जाएगा और पारित होने के बाद राज्य में लागू कर दिया जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 27 मई 2022 समान नगारिक संहिता के परीक्षण एवं क्रियान्वयन को रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था। इसके बाद समिति का तीन बार कार्यकाल बढ़ाया गया। 27 सितंबर 2023 को समिति का चार माह का विस्तार दिया गया।

इस दौरान समिति द्वारा सरकार को ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपने की संभावना जताई जा रही थी। सीएम ने भी जल्द रिपोर्ट मिलने के संकेत दिए थे, लेकिन साथ ही संभावना थी कि सरकार कुछ समय के लिए समिति को एक और विस्तार दे सकती है। चूंकि, समिति अपने निर्धारित कार्यकाल के दौरान सरकार को अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट नहीं दे पाई, इसलिए सरकार ने उसका कार्यकाल 15 दिन बढ़ा दिया। अब माना जा रहा कि फरवरी माह के दूसरे पखवाड़े तक विशेषज्ञ समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी। समान नागरिक संहिता का मतलब है कि सभी धर्मों के लिए एक ही कानून, अभी प्रत्येक धर्म का अपना कानून है, जिसके हिसाब से वह चलता है। वर्तमान में देश में केवल गोवा ही एकमात्र राज्य है, जहां यह कानून लागू है। गौरतलब है कि सत्ता में आने से पहले पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव प्रचार के दौरान कई बार ऐलान किया किया था कि सरकार बनने पर यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू किया जाएगा।