उत्तराखंड में फिर आई आफत? | Pauri | Landslide | Dehradun | Tapkeshwar Tamsariver | Uttarakhand News

Spread the love

क्या उत्तराखंड के पहाड़ों पर इस समय कुदरत का कोई खौफनाक इंसाफ चल रहा है, या फिर मानसून का ये रौद्र रूप देवभूमि को निगलने पर आमादा है? पौड़ी गढ़वाल की व्यास घाटी और बीरोंखाल से आई एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली लाइव तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आपकी रूह कांप जाएगी! पल भर पहले तक जिस सड़क पर गाड़ियां दौड़ रही थीं, अगले ही पल वहां पूरा का पूरा पहाड़ ताश के पत्तों की तरह भरभराकर जमींदोज हो गया! डरावनी तस्वीरें सिर्फ पौड़ी से नहीं, बल्कि राजधानी देहरादून के प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर से भी आ रही हैं, जहां तमसा नदी उफान पर है और शिव की गुफा के मुहाने तक लहरें तांडव मचा रही हैं! आखिर उत्तराखंड के 6 जिलों में मौसम विभाग ने कौन सा महा-अलर्ट जारी किया है? देखिए कुदरत की इस तबाही मेरी इस रिपोर्ट में। देवभूमि उत्तराखंड में इस समय मानसून अपनी पूरी भीषणता के साथ कहर बरपा रहा है। पौड़ी गढ़वाल के बीरोंखाल ब्लॉक के मैठाणाघाट-ग्वीन मोटरमार्ग से एक ऐसा खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है जिसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक विशालकाय पहाड़ का पूरा हिस्सा पलक झपकते ही भरभराकर सीधे मुख्य सड़क पर आ गिरा। टन वजनी विशाल चट्टानें और मलबे की सुनामी ने देखते ही देखते पूरी सड़क का नामोनिशान मिटा दिया। गनीमत यह रही कि मलबे के गिरने से ठीक कुछ सेकंड पहले ही वहां से गाड़ियां गुजरी थीं, वरना आज उत्तराखंड में एक बहुत बड़ा मातम छा गया होता। इधर दोस्तो पहाड़ों पर मच रही इस तबाही का सीधा असर मैदानी और अर्ध-पहाड़ी इलाकों पर भी दिखने लगा है। राजधानी देहरादून के प्रसिद्ध पौराणिक टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास बहने वाली तमसा नदी इस समय अपने पूरे रौद्र रूप में उबल रही है, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण तमसा नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा है कि लहरें भगवान शिव की प्राकृतिक गुफा को छूते हुए बह रही हैं। फेसबुक और यूट्यूब पर उफनती नदी के ये खौफनाक वीडियो लाइव चल रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें नदी किनारे रहने वाले लोगों को लगातार सुरक्षित स्थानों पर जाने की मुनादी कर रही हैं। दोस्तो मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए आने वाले 48 घंटे बेहद संवेदनशील और खतरनाक बताए हैं।

देहरादून और पौड़ी गढ़वाल समेत राज्य के 6 प्रमुख जिलों में मूसलाधार से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक की लाइफलाइन कही जाने वाली 100 से अधिक आंतरिक सड़कें और हाईवे इस समय मलबे के कारण पूरी तरह जाम हो चुके हैं। यमुनोत्री और बदरीनाथ हाईवे पर भी कई जगहों पर चट्टानें गिरने से यात्रियों और स्थानीय जनता का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है, जिससे पहाड़ की अर्थव्यवस्था को भी तगड़ी चोट पहुंच रही है। दोस्तो इस महा-संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग और सभी जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा प्रतिवादन बल यानी SDRF और NDRF की टीमों को संवेदनशील स्थानों पर सैटेलाइट फोन के साथ तैनात किया गया है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा और पहाड़ों का रुख करने वाले पर्यटकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है कि वे मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्राओं से पूरी तरह बचें, क्योंकि पहाड़ों की दरकती चट्टानें और उफनती नदियां इस समय किसी भी पल मौत का जाल बन सकती हैं। दोस्तो प्रकृति की इस भयानक हुंकार और बीरोंखाल के मलबे का यह लाइव वीडियो हमारे लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है कि पहाड़ों के साथ छेड़छाड़ का नतीजा कितना खौफनाक हो सकता है। अगर आप भी इन दिनों उत्तराखंड की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो सावधान रहें और सुरक्षित रहें। कुदरत के इस रौद्र रूप और शासन की तैयारियों पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं। पहाड़ों की इस ज़मीनी हकीकत और सतर्कता की आवाज़ को लोगों तक पहुँचाने के लिए इस वीडियो को फेसबुक और यूट्यूब पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। हमारे चैनल को फॉलो करना न भूलें।