देवभूमि उत्तराखंड के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी, सबसे सुखद और उत्सव से भरी खुशखबरी सामने आ रही है! त्योहारों के इस पावन सीजन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के कर्मचारियों की दिवाली को दोगुना रोशन करने का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है! किसको कितना मिलेगा फायदा। दोस्तो दिवाली से पहले उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए दोहरी खुशखबरी सामने आई है। धामी सरकार ने बोनस और महंगाई भत्ते यानी DA को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। यानी त्योहार से पहले कर्मचारियों की जेब में अतिरिक्त पैसा आने का रास्ता साफ हो गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल—किसे मिलेगा बोनस, कितनी मिलेगी रकम और दैनिक वेतनभोगी व आउटसोर्स कर्मचारियों को भी मिलेगा इसका लाभ? करीब 6,908 रुपये के बोनस का पूरा गणित क्या है? दोस्तो जिसका इंतजार प्रदेश के करीब 2.5 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स बड़ी बेसब्री से कर रहे थे, धामी सरकार ने दीपावली से ठीक पहले उस पर अपनी मुहर लगा दी है! सरकार ने सूबे के अराजपत्रित (Non-Gazetted) कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यही नहीं, बोनस के साथ-साथ महंगाई भत्ते यानी डीए (DA) में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा होने जा रहा है! सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के सचिवालय से लेकर हर छोटे-बड़े सरकारी महकमे में जश्न का माहौल है। दोस्तो इस बोनस का लाभ किस श्रेणी के कर्मचारियों को मिलेगा? आपके खाते में कितनी राशि ट्रांसफर की जाने वाली है? क्या इस बार आउटसोर्सिंग और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की भी किस्मत चमकी है? दोस्तो दिवाली से ठीक पहले उत्तराखंड वित्त विभाग और धामी सरकार ने अपनी तिजोरी का द्वार राज्य के कर्मचारियों के लिए पूरी तरह खोल दिया है। सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, राज्य के उन तमाम अराजपत्रित कर्मचारियों को इस साल 30 दिन के वेतन के बराबर तदर्थ (Ad-hoc) बोनस का भुगतान किया जाएगा, जो ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी में आते हैं इस बोनस की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है, जिसके आधार पर पात्र कर्मचारियों को करीब 6,908 रुपये की एकमुश्त राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
दोस्तो किसे और कितना मिलेगा बोनस? इसको कुछ इस तरह से समझिए– शासनादेश के अनुसार, राज्य सरकार के समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों के साथ-साथ समूह ‘ख’ के उन सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस मिलेगा, जिनका ग्रेड वेतन 4,800 रुपये (लेवल-8) तक है। इसके अलावा दोस्तो, नियमित कर्मचारियों को अधिकतम 30 दिनों की परिलब्धियों के आधार पर बोनस दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम मासिक वेतन की सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। दोस्तो इस हिसाब से पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये का बोनस नकद मिलेगा। दोस्तो इसके अलवा एक और जानकारी ये कि, कैजुअल/दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों में ऐसे दैनिक वेतनभोगी जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में हर साल कम से कम 240 दिन (5-दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में 206 दिन) काम किया है, उन्हें 1,184 रुपये का बोनस दिया जाएगा। यहां एक बात और ध्यान में रखने लाइक है, वो ये कि बोनस पाने के लिए कुछ शर्तें जरूरी होंगी। क्योंकि सरकार ने बोनस भुगतान के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं-जैसे कि -सेवा अवधि, केवल वे ही कर्मचारी पात्र होंगे जो 31 मार्च, 2026 तक सेवा में थे और जिन्होंने उस तारीख तक कम से कम 6 महीने की निरंतर व संतोषजनक सेवा पूरी की हो। 6 महीने से अधिक सेवा देने वालों को अनुपात (Pro-rata) के आधार पर भुगतान होगा। अनुशासनिक कार्यवाही, जिन कर्मचारियों के खिलाफ कोई विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही या अदालत में आपराधिक मामला लंबित है, उनका बोनस परिणाम आने तक स्थगित रहेगा। वर्ष 2025-26 में दंडित कर्मचारियों को बोनस नहीं मिलेगा। निलंबन और छुट्टी, निलंबन झेल रहे कर्मियों को बोनस नहीं मिलेगा, जब तक कि वे पूरे लाभ के साथ बहाल न हों। अवैतनिक अवकाश को छोड़कर अन्य छुट्टियों को सेवा अवधि में जोड़ा जाएगा।
दोस्तो इस बार के दिवाली बोनस में सरकार ने सिर्फ नियमित कर्मचारियों का ही ख्याल नहीं रखा है, बल्कि नियमों के दायरे में आने वाले दैनिक वेतनभोगी (Daily Wagers) और आउटसोर्सिंग/उपनल कर्मचारियों को भी बड़ी राहत दी है। इस बोनस का लाभ उन सभी कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च 2025 तक सेवा में थे और जिन्होंने कम से कम छह महीने की सतत सेवा पूरी की है। जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि छह महीने से एक वर्ष के बीच रही है, उन्हें सेवा के अनुपात के आधार पर बोनस राशि बांटी जाएगी। वहीं, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी निर्धारित मानकों के अनुसार इस बोनस का सीधा फायदा मिलेगा। दोस्तो वित्तीय विभाग ने साफ कर दिया है कि बोनस का यह पूरा खर्च सीधे नकद भुगतान के जरिए किया जाएगा, ताकि कर्मचारी त्योहारों के बाजार में खुलकर खरीदारी कर सकें। हालांकि, सरकार ने कड़े नियम भी लागू किए हैं कि जो कर्मचारी निलंबित चल रहे हैं या जिनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई या दोष सिद्ध हुआ है, उन्हें इस बोनस लिस्ट से बाहर रखा जाएगा। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर स्थानीय निकायों के कर्मचारियों का बोनस उनका निकाय स्वयं वहन करेगा। कुल मिलाकर देखें तो इस महा-तोहफे से पूरे प्रदेश के बाजारों में भी भारी रौनक लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। धामी सरकार ने दीपावली से ठीक पहले लाखों परिवारों के घरों में बोनस और डीए का दीया जलाकर एक बड़ा तोहफा दिया है। जहां एक तरफ कर्मचारियों की जेबें गरम होने वाली हैं, वहीं दूसरी तरफ त्योहारों के इस सीजन में बाजारों में भी बंपर उछाल आने की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि सरकार के इस फैसले के बाद क्या बाकी बचे कुछ कर्मचारी संगठनों की मांगें भी पूरी होती हैं या नहीं। देहरादून से हमारे सीनियर रिपोर्टर अजीत काम्बोज के साथ, न्यूज़ डेस्क।