दौलत, दबंगई और विवादों का बेताज बादशाह Girdhari Lal Sahu ! | Rekha Arya | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो दौलत, दबंगई और विवादोंका बेताज बादशाह, देहरादून से बरेली तक। आखिर कौन हैं पप्पू गिरधारी, जिनका नाम आज उत्तराखंड की सियासत में चर्चा के केंद्र में है?एक तरफ कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच गंभीर आरोपों का विवाद। Girdhari Lal Sahu Controversy दूसरी तरफ पुराने मुकदमों और विवादित बयानों की चर्चा!क्या है 1990 के जैन दंपति हत्याकांड का मामला? क्यों सामने आया था गैर-जमानती वारंट का दावा? और अब 210 करोड़ रुपये को लेकर क्या कहा जा रहा है?दावों, दस्तावेजों और विवादों की इस पूरी कहानी को समझिए—क्योंकि इस मामले में हर सवाल के पीछे एक नई कहानी है! दोस्तो जब राज्य की महिला कल्याण मंत्री रेखा आर्य ने अपने ही पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी पर देहरादून के कैंट थाने में हत्या की साजिश का महा-मुकदमा दर्ज कराया, तो पूरी जनता सन्न रह गई! लेकिन सुलगता हुआ सवाल यह है कि आखिर यह ‘पप्पू गिरधारी’ है कौन? उसका वो आपराधिक और विवादित काला इतिहास क्या है, जिसके पन्ने खुलने से आज सचिवालय से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मच गया है? उत्तर प्रदेश के बरेली के एक कथित हिस्ट्रीशीटर से लेकर उत्तराखंड की कद्दावर कैबिनेट मंत्री का ‘पावरफुल पति’ बनने तक का सफर दौलत, दबंगई, मुकदमों और खौफनाक विवादों से भरा रहा है! पूरी खबर देखिए एक एक बारीक चीज जान पाएंगे आप।

दोस्तो उत्तराखंड की सियासत में ‘पप्पू गिरधारी’ के नाम से मशहूर गिरधारी लाल साहू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली के बारादरी (जोगी नवादा) क्षेत्र का रहने वाला है। यह पहली बार नहीं है जब साहू का नाम किसी बड़े मुकदमे या पुलिस थानों से जुड़ा हो। सरकारी दस्तावेजों और अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू का आपराधिक इतिहास दशकों पुराना है। साल 1981 से लेकर अब तक उनके खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी, जमीन कब्जाने और धमकी देने जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज हो चुके हैं। आज जब उनकी पत्नी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने खुद उन पर अपनी पहली शादी छिपाने, सरकारी आवास पर स्टाफ के सामने जातिसूचक गालियां देने और उन्हें जान से मारने की सुपारी देने का मुकदमा कराया है, तो उनके अतीत के वो सारे काले पन्ने एक बार फिर जनता के सामने खुल गए हैं। गिरधारी लाल साहू के जीवन का सबसे खौफनाक और चर्चित विवाद जुड़ा है। गिरधारी लाल के साहू कांड! साल 1990 के बरेली के मशहूर जैन दंपत्ति ह’त्याकांड से। आरोप था कि एक टिम्बर मर्चेंट परिवार की संपत्ति को धोखाधड़ी से अपने नाम ट्रांसफर कराने के लिए जैन दंपत्ति की उनके तीन मासूम बच्चों के सामने बेरहमी से ह’त्या कर दी गई थी और इस ह’त्याकांड के मुख्य 11 आरोपियों में गिरधारी लाल साहू का नाम शामिल था। दोस्तो यह मामला इस कदर दबा रहा कि वारदात के पूरे 31 साल बाद, यानी साल 2021 में बरेली की सेशंस कोर्ट ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था। इसके अलावा दोस्तो उत्तराखंड के गिरधारी लाल के साहू कांड!

उधम सिंह नगर के किच्छा में भी जमीनों और भूखंडों की धोखाधड़ी (420) के बड़े मुकदमे साहू के खिलाफ दर्ज हैं, जिनमें उन्हें अदालतों के चक्कर काटने पड़े हैं। यानी कानून के शिकंजे से पप्पू गिरधारी का नाता बेहद पुराना और गहरा है। वो इस लिए भी क्योकि अपराधों से हटकर अगर साहू के हालिया विवादों की बात करें, तो इसी साल जनवरी 2026 में उन्होंने एक ऐसा विवादित बयान दिया था जिसने राष्ट्रीय स्तर पर बवंडर खड़ा कर दिया था। गिरधारी लाल के साहू कांड! अल्मोड़ा के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने बेहद शर्मनाक और महिला विरोधी टिप्पणी करते हुए सरेआम कहा था कि—‘अगर किसी की शादी नहीं हो रही, तो 20 से 25 हजार रुपये में बिहार से लड़की खरीद लाओ’! दोस्तो इस बयान के बाद उत्तराखंड से लेकर बिहार की राजनीति में भारी उबाल आ गया था। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और बिहार राज्य महिला आयोग ने उन्हें कड़ा नोटिस जारी किया था। उस वक़्त खुद को बचाने के लिए उन्होंने इसे ‘एआई का खेल’ या ‘शब्दों को मरोड़ना’ बताया था और ठीक ऐसा ही बहाना वो आज अपनी पत्नी के लीक ऑडियो को लेकर भी बना रहे हैं। अब बात दोस्तो पप्पू गिरधारी के ‘सियासी रसूख’ की। भले ही बीजेपी संगठन ने हमेशा साहू से दूरी बनाए रखी और उन्हें पार्टी का कोई औपचारिक सदस्य नहीं माना, लेकिन सत्ता के गलियारों में उनका रसूख किसी से छिपा नहीं रहा है। साल 2004 में रेखा आर्य से शादी करने के बाद, उन्होंने अपनी अकूत संपत्ति और राजनीतिक मैनेजमेंट के दम पर रेखा आर्य को एक सामान्य नेत्री से उत्तराखंड सरकार की कद्दावर कैबिनेट मंत्री की कुर्सी तक पहुँचाने में बैक-चैनल से बड़ी भूमिका निभाई। और दोस्तो खुद साहू ने आज कैमरे पर यह दावा किया है कि उन्होंने 17 सालों तक अपनी दौलत और मेहनत से रेखा आर्य को इस मुकाम तक पहुँचाया। लेकिन आज वही रसूख और वही काली कमाई दोनों के बीच का सबसे बड़ा काल बन गई है, जहाँ पति अपनी ही मंत्री पत्नी पर 210 करोड़ के महा-भ्रष्टाचार की कलई खोलने की खुली चेतावनी दे रहा है। दोस्तो बरेली के हिस्ट्रीशीटर के मुकदमों से लेकर, ‘लड़की खरीदने’ वाले बयान और अब अपनी ही पत्नी की ह’त्या की साज़िश रचने के इस खौफनाक लीक ऑडियो तक—पप्पू गिरधारी का पूरा इतिहास विवादों की बारूद की ढेरी पर खड़ा है। देहरादून पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन सवाल वही है कि क्या इस बार कानून इस रसूखदार ‘मंत्री पति’ को सलाखों के पीछे भेजेगा, या सत्ता का रसूख एक बार फिर भारी पड़ेगा? इस पूरे सनसनीखेज और खौफनाक विवाद पर आपकी क्या राय है।