दोस्तो, देवभूमि उत्तराखंड की वादियों में इन दिनों सिर्फ पर्यटकों की नहीं, बल्कि बॉलीवुड सितारों की भी चहल-पहल बढ़ गई है! मसूरी में अक्षय कुमार और राशि खन्ना, तो नैनीताल में जाह्नवी कपूर की शूटिंग की चर्चा है। वहीं ‘बॉर्डर 2’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। सवाल है—आखिर उत्तराखंड फिल्ममेकर्स की पसंद क्यों बनता जा रहा है? क्या फिल्म नीति और पहाड़ों की खूबसूरती देवभूमि को नया सिनेमाई हब बना रही है? दोस्तो पहाड़ों की रानी मसूरी की हसीन वादियां, लैंढौर के ऐतिहासिक मोड़ और सरोवर नगरी नैनीताल की ठंडी झीलें। इन दिनों देवभूमि का कोना-कोना कैमरे के फ्लैश और सिनेमाई चमक से सराबोर हो उठा है! उत्तराखंड अब सिर्फ पर्यटकों की ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड के सबसे बड़े फिल्म निर्माताओं और महासितारों की पहली पसंद बन चुका है! दोस्तो आज के दौर की बात करूं तो अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग कॉमेडी फिल्म की शूटिंग के लिए मसूरी और लैंढौर की सड़कों पर बाइक दौड़ा रहे हैं, तो दूसरी तरफ जाह्नवी कपूर अपनी नई फिल्म ‘PN 36’ के लिए नैनीताल के मौसम का लुत्फ उठा रही हैं। सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि हॉलीवुड और ग्लोबल फिल्ममेकर्स भी अब उत्तराखंड की तरफ खिंचे चले आ रहे हैं। आखिर कैसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन देवभूमि को देश का सबसे बड़ा फिल्म हब बना रहा है? कौन-कौन सी हैं वो आइकोनिक लोकेशंस जहां पहले भी सुपरहाइट फिल्मों का कैमल चला है? वीडियो में अंत तक बने रहिएगा दोस्तो। दोस्तो देवभूमि उत्तराखंड की वादियां इन दिनों किसी बड़े बॉलीवुड स्टूडियो जैसी नजर आ रही हैं। पहाड़ों की रानी मसूरी और लैंढौर क्षेत्र में सुपरस्टार अक्षय कुमार और एक्ट्रेस राशि खन्ना निर्देशक अनीस बज्मी की अपकमिंग फिल्म के लिए एक रोमांटिक गाने की शूटिंग करते नजर आए, जहां खिलाड़ी कुमार पुल पर बाइक दौड़ाते दिखे।
वहीं दूसरी तरफ, सरोवर नगरी नैनीताल में एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर अपनी फिल्म ‘PN 36’ की शूटिंग में पसीना बहा रही हैं और नैनी झील की खूबसूरती की कायल हो चुकी हैं। ये बड़े प्रोजेक्ट्स सिर्फ मनोरंजन नहीं हैं, बल्कि ये इस बात का सबूत हैं कि उत्तराखंड अब फिल्म मेकर्स के लिए देश का सबसे मुफीद और पसंदीदा ठिकाना बन चुका है। लेकिन दोस्तो सवाल यह है कि आखिर फिल्ममेकर्स स्विट्जरलैंड या कश्मीर छोड़कर उत्तराखंड क्यों आ रहे हैं? इसका सीधा जवाब है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन और उत्तराखंड फिल्म नीति 2024। पहले जहां निर्देशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं अब सरकार ने सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के जरिए मात्र 7 दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति देने की अनिवार्य व्यवस्था कर दी है। दोस्तो इतना ही नहीं, हाल ही में गोवा में हुए 56वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में उत्तराखंड ने ऐसा जलवा बिखेरा कि ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड, रूस और जापान के फिल्म निर्माताओं ने भी देवभूमि में शूटिंग के लिए लोकेशन स्काउटिंग की तैयारी शुरू कर दी है। फिल्मों को मिलने वाली बंपर सब्सिडी ने निर्देशकों के बजट को आसान बना दिया है, जिससे पिछले कुछ सालों में 1,440 से अधिक फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग यहाँ पूरी हो चुकी है। दोस्तो उत्तराखंड में हो रही ये शूटिंग सिर्फ स्क्रीन पर खूबसूरती नहीं बढ़ा रही, बल्कि पहाड़ों की आर्थिकी की नई रीढ़ बन रही है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
देहरादून का हल्दूवाला क्षेत्र। यहां बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की शूटिंग के लिए 1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित कश्मीर के एक पूरे गांव का भव्य सेट तैयार किया गया है। इस महा-प्रोजेक्ट के कारण रोजाना लगभग 350 स्थानीय लोगों, कारपेंटर और वेल्डरों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा, दोस्तो अविनाश तिवारी और मेधा शंकर स्टारर फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ की शूटिंग भी देहरादून में चल रही है, जबकि अन्नू कपूर की कॉमेडी फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ की शूटिंग ऋषिकेश की वादियों में हो रही है। दोस्तो इससे होटल व्यवसाई, टैक्सी संचालक और स्थानीय गाइड बंपर कमाई कर रहे हैं.. दोस्तो उत्तराखंड का सिनेमा से रिश्ता नया नहीं है। देवभूमि की ऐसी कई लोकेशंस हैं जो पहले ही भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर हो चुकी हैं। देहरादून का FRI (फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट) यहां ऋतिक रोशन की ‘लक्ष्य’ से लेकर करण जौहर की ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ जैसी दर्जनों फिल्में शूट हुईं।ऋषिकेश का लक्ष्मण झूला और गंगा घाट, अध्यात्म और रोमांस को दिखाने के लिए हर निर्देशक की पहली पसंद। औली और चमोली, बर्फबारी के दृश्यों के लिए स्विट्जरलैंड का सस्टेनेबल विकल्प। केदारनाथ धाम और टिहरी झील, सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘केदारनाथ’ ने इस ट्रैक को दुनिया भर में पॉपुलर कर दिया। दोस्तो यही नहीं, उत्तराखंडी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए इन दिनों गढ़वाली भाषा की तीन बड़ी फिल्मों— मारचा, तेरी माया और नमक की शूटिंग भी देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी में जोर-शोर से चल रही है।
दोस्तो साफ है कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और बेजोड़ भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड आने वाले दिनों में देश का सबसे बड़ा फिल्म हब बनने जा रहा है। मसूरी से लेकर नैनीताल तक बिखरी यह सिनेमाई चमक, पहाड़ों में विकास, रोजगार और पर्यटन की एक नई सुनहरी स्क्रिप्ट लिख रही है। दोस्तो जब पहाड़ों की खूबसूरती बड़े पर्दे पर 70 एमएम की स्क्रीन पर चमकती है, तो देश ही नहीं दुनिया भर के लोग देवभूमि की ओर दौड़े चले आते हैं। धामी सरकार की आसान फिल्म नीति और अक्षय-जाह्नवी जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि उत्तराखंड का सिनेमाई भविष्य बेहद उज्ज्वल है। स्थानीय युवाओं को मिल रहा यह रोजगार पलायन को रोकने में सबसे बड़ा हथियार साबित होगा।