दोस्तो, उत्तराखंड की सियासत में रेखा आर्य विवाद ने नया मोड़ ले लिया है! अस्पताल के बेड से मंत्री के आरोप, पति का पलटवार और अब कथित ऑडियो क्लिप्स की जांच! ₹210 करोड़ के आरोपों से लेकर घरेलू विवाद तक, SIT के सामने कई सवाल हैं। आखिर इस हाई-प्रोफाइल मामले में कौन-से राज खुलेंगे और जांच की आंच कहां तक पहुंचेगी? मैरी इस रिपोर्ट में दिखिए कैसे 210 करोड़ का वो सच और SIT के चक्रव्यूह में फंसी मंत्री! लैब भेजे गए ऑडियो क्लिप्स!तो कैसे मंत्री रेखा आर्या ने पति के आरोपों से किया किनारा, बताई विवाद की पूरी कहानी। देवभूमि उत्तराखंड की सियासत में इस वक्त एक ऐसा पारिवारिक और राजनीतिक चक्रव्यूह रच चुका है, जिसने पूरी सरकार की साख को दांव पर लगा दिया है! महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास जैसे भारी-भरकम मंत्रालय को संभालने वाली कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या खुद घरेलू हिंसा, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल की शिकार हो गई हैं। उन्होंने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया, जिसके तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और वे अस्पताल में भर्ती हो गईं।लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट तब आया जब उनके पति गिरधारी लाल साहू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रेखा आर्या को 210 करोड़ की महा-भ्रष्टाचारी मंत्री बता दिया! मामला इतना संगीन हो चुका है कि उत्तराखंड पुलिस की विशेष जांच दल यानी SIT ने कमान संभाल ली है, और संदिग्ध ऑडियो क्लिप्स को फॉरेंसिक लैब जांच के लिए भेज दिया गया है! अस्पताल से छुट्टी मिलने या बेड पर ही मंत्री जी से SIT की तीखी पूछताछ होने वाली है। मगर इस बीच, स्वास्थ्य सामान्य होते ही रेखा आर्या ने मीडिया के कैमरों के सामने आकर जो विस्फोटक खुलासे किए हैं, उसने पूरे प्रदेश को हिला दिया है!
दोस्तो तीन बार की विधायक, दो बार की कैबिनेट मंत्री और उत्तराखंड की सबसे रसूखदार महिला नेताओं में शुमार रेखा आर्या की जिंदगी में भूचाल आ गया है। सोशल मीडिया पर एक झकझोर देने वाली पोस्ट साझा कर रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर जो आरोप लगाए, उसने उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए। मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके पति ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उनकी जान को गंभीर खतरा है। इसके तुरंत बाद देर रात हाई-ब्लड प्रेशर और सदमे के कारण मंत्री को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लेकिन यह जंग सिर्फ एक बंद कमरे की नहीं रही, बल्कि इसमें SIT यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की एंट्री हो चुकी है, जिसने संदिग्ध ऑडियो साक्ष्यों को फॉरेंसिक लैब भेजकर जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। जब स्वास्थ्य सामान्य होने के बाद रेखा आर्या पहली बार मीडिया से मुखातिब हुईं। उन्होंने अपने पति द्वारा लगाए गए ‘210 करोड़ के कथित भ्रष्टाचार’ और ‘भ्रष्टाचारी मंत्री’ के आरोपों की धज्जियां उड़ाते हुए साफ कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने जो अपने पति पर मुकदमे में आरोप लगाए हैं, वो सौ फीसदी सच हैं। दोस्तो इस पूरे विवाद में दूसरा पहलू भी बेहद आक्रामक है। रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने एक वीडियो क्लिप जारी कर यह दावा किया था कि मंत्री महोदया अपने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों के घपले में शामिल हैं और इसी वजह से दोनों के बीच विवाद बढ़ा। मामले की गंभीरता और भारी-भरकम रकम के आरोपों को देखते हुए शासन ने मामले की कमान SIT को सौंप दी है। दोस्तो SIT के सूत्रों के मुताबिक, मामले से जुड़े कुछ बेहद गोपनीय ऑडियो क्लिप सामने आए हैं, जिन्हें तुरंत फॉरेंसिक लैब जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आवाज़ें किसकी हैं और क्या उनके साथ कोई छेड़छाड़ हुई है। सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस के आला अधिकारी साफ कर चुके हैं कि निष्पक्ष जांच के लिए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से भी अस्पताल के भीतर या बाहर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
दोस्तो उत्तराखंड में साल 2027 के विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। ऐसे में महिला सशक्तिकरण मंत्री का खुद घरेलू हिंसा का शिकार होना और उनके पति द्वारा भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाना, धामी सरकार के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा बन गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की फिराक में है, लेकिन रेखा आर्या ने साफ कर दिया है कि उन्हें अपनी सरकार, अपने संस्कारों और अपनी नीयत पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि जब वो दूसरी महिलाओं को इंसाफ दिलाती हैं, तो अपने हक के लिए लड़ना उनका संवैधानिक कर्तव्य था। बहरहाल, दोस्तो फॉरेंसिक लैब भेजे गए ऑडियो और SIT की होने वाली पूछताछ के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस 210 करोड़ के विवाद और घरेलू हिंसा के पीछे की असली हकीकत क्या है। लेकिन एक बात तय है कि रेखा आर्या के इस कदम ने देवभूमि की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। दोस्तो जब एक कैबिनेट मंत्री खुद को असुरक्षित पाकर थाने पहुंचती है, तो समाज के लिए यह एक बड़ा संदेश होता है। रेखा आर्या ने भले ही इसे महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई बताया हो, लेकिन उनके पति के आरोपों और SIT द्वारा लैब भेजे गए ऑडियो क्लिप्स ने इस मामले को विशुद्ध रूप से एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी घोटाला बना दिया है। अब देखना यह होगा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में क्या निकलकर सामने आता है और SIT की पूछताछ में मंत्री महोदया क्या नए खुलासे करती हैं।