जय मां नंदा, तेरी जय हो! भक्ति और आस्था से गूंजा उत्तराखंड! | Uttarakhand News

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जय मां नंदा, जय मां राजराजेश्वरी के जयकारों से चमोली का हिमालयी क्षेत्र गूंज उठा। प्रसिद्ध नंदा देवी बड़ीजात यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर मां नंदा राजराजेश्वरी की देव डोलियां कैलाश की ओर रवाना हुईं तो श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। बेहद खुशगवार मौसम के बीच नंदा देवी बड़ी जात यात्रा अपने 15वें पड़ाव पातरनचौनिया और बगवाबासा पहुंच गई है। बड़ी जात यात्रा में शामिल दशोली, बंड और ज्वाल्पा की देव डोलियों, छंतोलियों और चौसिंगा खाड़ुओं के साथ चल रहे श्रद्धालुओं ने शुक्रवार यानी 18 सिंतबंर को वेदनी बुग्याल स्थित वेदनी कुंड में स्नान किया। इसके बाद वेदनी में स्थापित नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की. पूजा के बाद यात्रा 14वें पड़ाव बेदनी से विदा होकर 15वें और दूसरे निर्जन पड़ाव पातरनचौनिया व बगवाबासा पहुंची। कठिन पहाड़ी रास्तों के बावजूद यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के हौसले बुलंद हैं. शनिवार यानी 19 सिंतबर को बड़ी जात यात्रा रहस्यमयी रूपकुंड होते हुए यात्रा मार्ग के सबसे कठिन रास्तों में शामिल ज्यूरागली को पार करेगी। इसके बाद यात्रा 16वें और तीसरे निर्जन पड़ाव शीला समुद्र पहुंचेगी। फिर आखिरी पड़ाव होमकुंड पहुंचेगी। यहीं से पूजा के बाद चौसिंगा खाड़ुओं की कैलाश के लिए विदाई होगी। इसके बाद यात्रा अपने परंपरागत रूट से वापस लौटेगी।