हरक सिंह रावत ने केंद्रीय एजेंसियों की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि ED और CBI जैसी संस्थाएं भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रही हैं और केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं। उन्होंने कहा, “अगर आय से अधिक संपत्ति का ऐसा ही कोई मामला किसी कांग्रेस या विपक्षी नेता से जुड़ा होता, तो अब तक ED और CBI उनके घर पहुंच चुकी होती और छापेमारी हो रही होती।”देहरादून कोर्ट द्वारा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को आगामी 3 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिए जाने का हवाला देते हुए रावत ने सवाल किया कि गणेश जोशी पर अब तक कोई केंद्रीय जांच क्यों नहीं हुई? उन्होंने मांग की कि मंत्री के पास इतनी संपत्ति कहां से आई, इसकी पूरी गहनता से जांच होनी चाहिए।