Badrinath Dham में किसने तोड़े नीयम? | Religious | Controversy | BKTC | BJP | Uttarakhand News

Spread the love

दोस्तो, बद्रीनाथ धाम करोड़ों लोगों की आस्था का वो पवित्र केंद्र, जहां भक्त आध्यात्मिक शांति और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन अब इसी धाम का एक DJ-डांस वाला वीडियो विवादों में है!सवाल उठ रहे हैं—आस्था के इस केंद्र में आखिर ये कैसा आयोजन हुआ? साधु-संतों और तीर्थ पुरोहितों ने आपत्ति जताई, विपक्ष ने सरकार को घेरा और अब अपनी ही पार्टी के विधायक भी साफ कहा कि धार्मिक परंपराओं से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए, उधर ने इसे धार्मिक परंपराओं को ध्वस्त करने की कोशिश बताया है।तो आखिर बद्रीनाथ धाम में किसकी अनुमति से हुआ ये आयोजन? क्या वाकई परंपराओं की अनदेखी हुई या फिर मामला सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का है?पूरी कहानी आपको दिखाते हैं। ये डांस, ये शो कहीं पब बार या किसी बड़े रिएलिटी शो का नहीं है ये बद्रीविशान के आगन में हो रहा है वो कार्यक्रम है, जो कार्यक्रम हो तो गया लेकिन पीछे छोड़ गया वो भारी बवाल जिससे बीकेटी छिपती फिर रही है सरकार के पास जवाब नहीं दिखाई देता और बीजेपी के कुछ लोग तो ऐसे हैं जिनको ये शोर शराबा सुनाई ही देता मतलब ये कि उनको इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन वो इसे गलत बता रहे हैं। दोस्तो यह बद्रीनाथ धाम है, जहाँ कण-कण में भगवान नारायण का वास माना जाता है। जहाँ शंख की ध्वनि सुनाई नहीं देती, लेकिन वेदमंत्रों के उच्चारण से पूरी घाटी गुंजायमान रहती है लेकिन इसी पावन परिसर के करीब जब तेज संगीत, लाउड DJ और फिल्मी गानों पर थिरकते लोग दिखाई दें, तो आस्थावानों का आहत होना लाजिमी है। बद्रीनाथ धाम में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। साधु-संत और तीर्थ पुरोहित इस बात से बेहद खफा हैं कि जिस आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए लोग यहाँ आते हैं, उसे एक मनोरंजन के केंद्र में क्यों बदला जा रहा है? दोस्तो इस वीडियो के विवाद की आग इसलिए भी भड़की है क्योंकि इस पूरे आयोजन में प्रदेश सरकार के मुखिया की मौजूदगी का दावा किया जा रहा है। इसी बात को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस आक्रामक है। कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने इसे सीधे तौर पर सनातन परंपराओं को नष्ट करने की कोशिश करार दिया है। उनका साफ कहना है कि धाम की मर्यादा सर्वोपरि है और ऐसे आयोजनों पर तुरंत प्रतिबंध लगना चाहिए।

इधर दोस्तो दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में विरोध की आवाज सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल बीजेपी के भीतर से भी उठी है। बीजेपी के वरिष्ठ और कद्दावर विधायक विनोद चमोली ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद बेबाक और सख्त प्रतिक्रिया दी है, हालांकि चमोली ने शुरुआत में कहा कि उनके संज्ञान में यह सीधा मामला नहीं है, लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में जोड़ा कि अगर बद्रीनाथ धाम जैसे पवित्र स्थान पर ऐसा हुआ है, तो यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। बीजेपी विधायक विनोद चमोली का यह बयान इस बात का साफ संकेत है कि धार्मिक मर्यादाओं के सवाल पर पार्टी लाइन से अलग हटकर भी नेताओं की अंतरआत्मा कचोट रही है। चमोली ने यह भी उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह के गरिमाहीन आयोजन देवभूमि के किसी भी धाम में न हों, इसके लिए पुरजोर प्रयास किए जाने चाहिए। अब सवाल प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पर भी उठ रहे हैं कि आखिर किसकी शह पर आस्था के इस शिखर पर आधुनिक मनोरंजन को मर्यादा लांघने की इजाजत दी गई? दोस्तो उत्तराखंड को देवभूमि कहा ही इसलिए जाता है क्योंकि यहाँ की आबो-हवा में ईश्वर का वास है। विकास और सांस्कृतिक आयोजनों के नाम पर अगर इन धामों के मूल स्वरूप और उनकी आध्यात्मिक शांति को ठेस पहुंचेगी, तो विरोध के सुर उठना स्वाभाविक है। अब देखना यह है कि इस चौतरफा विवाद और अपनी ही पार्टी के विधायक के तीखे रुख के बाद सरकार और प्रशासन इस पर क्या कदम उठाते हैं। “देवभूमि की मर्यादा को अक्षुण्ण रखना हम सबकी जिम्मेदारी है, चाहे वो सत्ता पक्ष हो या विपक्ष या फिर आम जनता। उम्मीद की जानी चाहिए कि विनोद चमोली जी ने जो चिंता जताई है, उस पर संज्ञान लिया जाएगा ताकि बद्रीनाथ धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा हमेशा पवित्र बनी रहे। इस खबर पर आपकी क्या राय है।