Badrinath Dham में DJ कॉन्सर्ट पर भारी बवाल! | Chamoli | Cultural Festival | Uttarakhand News

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उत्तराखंड के प्रसिद्ध और पवित्र बद्रीनाथ धाम में आयोजित एक सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान तेज आवाज में डीजे और नाइट-क्लब स्टाइल म्यूजिक बजाए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम के वीडियो वायरल होने के बाद तीर्थ पुरोहितों, संतों और आम श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। विवाद बढ़ता देख प्रशासन ने इस मामले में संज्ञान लिया है। यह विवाद बद्रीनाथ मंदिर के समीप टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में आयोजित दो दिवसीय ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव’ के बाद शुरू हुआ। महोत्सव में ‘भजन जैमिंग’ सत्र के दौरान पहाड़ी लोक गायिका प्रियंका मेहर की प्रस्तुति हुई। इस दौरान चमचमाती डिस्को लाइट्स और हैवी बेस वाले लाउडस्पीकर पर बज रहे तेज संगीत पर भीड़ झूमती नजर आई। सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मोक्षधाम की पावन भूमि को नाइट-क्लब में बदल दिया गया है। पुरोहितों और संतों का कहना है कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बद्रीनाथ धाम में भगवान विष्णु योग (ध्यान) मुद्रा में विराजमान हैं। उनके ध्यान में विघ्न न पड़े, इसलिए सदियों से यहाँ शंख बजाना भी वर्जित है। ऐसे में तेज डीजे बजाना परंपराओं का घोर उल्लंघन है। यह क्षेत्र 10,200 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित एक संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र है। यहाँ इतनी तेज ध्वनि पर्यावरण और पहाड़ों की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक है।

यह कार्यक्रम भारतीय सेना की सामुदायिक संपर्क पहल ‘ऑपरेशन सद्भावना’ और केंद्र सरकार की ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत आयोजित किया गया था। इसमें चमोली जिला प्रशासन और उत्तराखंड पर्यटन विभाग का भी सहयोग था। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए थे। अब इस मामले को लेकर विपक्ष (कांग्रेस) ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और धार्मिक स्थलों के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने की मांग की है। बवाल बढ़ता देख उत्तराखंड के पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुख्य रूप से सेना का कार्यक्रम था। प्रशासन ने स्थानीय धार्मिक संवेदनशीलताओं और परंपराओं का सम्मान करने की बात दोहराई है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि भविष्य में सैन्य अधिकारियों से समन्वय कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पवित्र मंदिर परिसरों के पास इस तरह के तेज लाउड म्यूजिक वाले कार्यक्रमों का आयोजन न किया जाए।