टीचर नहीं आए तो सड़क पर क्यों उतरे बच्चे?चमोली से आई तस्वीर ने चौंकाया! | Uttarakhand News

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चमोली के ज्योतिर्मठ विकासखंड स्थित दूरस्थ गांव कलगोठ से सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति सामने आई है, जहाँ स्कूल में एक भी शिक्षक के न पहुंचने से नाराज छात्र और अभिभावक सड़क पर उतर आए। कलगोठ के राजकीय विद्यालय में करीब 40 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन एकमात्र शिक्षक का स्थानांतरण होने और विकल्प के तौर पर नए शिक्षक की तैनाती न किए जाने के कारण स्कूल ठप पड़ गया। जब बच्चे रोज की तरह विद्यालय पहुंचे और कक्षाएं खाली मिलीं, तो उनके समय और शैक्षिक प्रगति के भारी नुकसान को देखते हुए ग्रामीणों ने बच्चों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जब एक पूरी पीढ़ी की बुनियादी शिक्षा दांव पर लगी हो, तो ऐसी प्रशासनिक लापरवाही समाज के व्यापक हित और बच्चों के भविष्य दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग की इस कार्यशैली के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पंचायत भवन में क्रमिक धरना शुरू कर दिया है और मांग पूरी न होने पर आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में पहले से ही संसाधनों की कमी है, और उस पर स्कूलों को शिक्षक-विहीन छोड़ देना दर्जनों बच्चों के भविष्य के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ है।