ड्रोन और रोबोटिक डॉग के साथ औली में गरजे भारत-अमेरिकी जांबाज

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उत्तराखंड के औली में भारत और अमेरिका की सेनाओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के तहत एक सघन आतंकवाद-विरोधी अभियान Counter-Terrorism Drill को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। 15 सितंबर से शुरू हुए इस द्विपक्षीय युद्धाभ्यास के 22वें संस्करण में दोनों देशों के लगभग 600-600 जवानों ने हिस्सा लिया, जहां उन्होंने पर्वतीय और अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जटिल सैन्य अभियानों का सामना करने के लिए आपसी तालमेल को परखा। इस दौरान विशेष रूप से ‘बिल्डिंग क्लीयरेंस’ और ‘रूम इंटरवेंशन’ जैसी रणनीतिक ड्रिल्स की गईं, ताकि किसी भी आतंकी हमले की स्थिति में कमरों को सुरक्षित तरीके से मुक्त कराने और आमने-सामने की लड़ाई में दुश्मन को बेअसर करने की क्षमता को और अधिक धार दी जा सके।

इस हाई-टेक युद्धाभ्यास की सबसे बड़ी विशेषता अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों का बड़े पैमाने पर प्रदर्शन रहा। आतंकवाद-विरोधी इस मॉक ड्रिल में सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन, रोबोटिक डॉग, खोजी कुत्तों के विशेष दस्ते और स्नाइपर्स का रणनीतिक उपयोग किया गया। भारतीय सेना की 14 इन्फैंट्री डिवीजन और अमेरिकी सेना की 11वीं एयरबोर्न डिवीजन के संयुक्त नेतृत्व में चल रहा यह अभ्यास आगामी 28 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। औली के बर्फीले पहाड़ों के साथ-साथ राजस्थान की महाजन रेंज में भी समानांतर रूप से चल रहा यह आयोजन दोनों देशों के बीच वैश्विक आतंकवाद से निपटने और संयुक्त ऑपरेशन्स की क्षमता को बढ़ाने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।