दोस्तो देश का बड़ा और बेहद महत्वपूर्व एक्सप्रेसवे ने एसा शोर मचाया है कि दिल्ली तक हिल गई। क्या करोड़ों की लागत से बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भरोसे के लायक है? क्या निर्माण में लापरवाही इतनी भारी पड़ गई कि सड़क ही धंस गई? फिर हुआ बड़ा एक्शन बताउंगा आपको पूरी खबर कैसे NHAI के 2 अफसर सस्पेंड, कर ठेकेदार को दे दिया अल्टीमेटम तो एक वो नई तस्वीर कौन सी है जो फिर सवालों के भंवर में NHAI को फंसा रही है। दोस्तो एक बड़ी खबर और बड़ी तस्वीर हाल में खूब चर्चा में है, वो है देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे की तस्वीर जो महज कुछ ही महिनों में अपने शक्तिशाली होने का ऐहसास कैसे कर रहा है वो ये तस्वीर बताने के लिए काफी है। दोस्तो एक्सप्रेसवे धंसा तो सिर्फ सड़क नहीं हिली, बल्कि सिस्टम पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। और इसी के बाद NHAI ने बड़ा एक्शन लेते हुए दो अफसरों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि ठेकेदार को सख्त अल्टीमेटम जारी किया गया है, लेकिन तब क्या कहा था बल देश के प्रधान मंत्री मोदी ने जब ये एक्सप्रेसवे देश को समर्पित किया गया था। वो भी देख लीजिए फिर कार्रवाई की बात होगी और एक और हाईवे की तस्वीर दिखाउंगा जो NHAI और सरकार सिस्टम की नांक कटा रही है।
दोस्तों, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ी ये तस्वीरें और घटनाक्रम अब तेजी से चर्चा में हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ तकनीकी खामी है या फिर निर्माण में गंभीर लापरवाही का नतीजा? दोस्तो हाई-टेक प्रोजेक्ट्स में से एक दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की सड़क पहली बारिश धंस गई। जिसके बाद एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इस नवनिर्मित एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे हड़कंप मच गया था। इस गंभीर लापरवाही और निर्माण कार्य पर उठे सवालों को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अब तक का सबसे कड़ा और ताबड़तोड़ एक्शन लिया है। एनएचएआई ने मामले की प्राथमिक जांच के बाद दो शीर्ष अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जबकि कई बड़ी कंपनियों और अफसरों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। दोस्तो सड़क धंसने की इस घटना को एनएचएआई मुख्यालय ने सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों से बड़ा समझौता माना है। प्राधिकरण ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस प्रोजेक्ट से जुड़े अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और मुख्य कार्यदायी संस्था (EPC ठेकेदार) के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा, मामले की जवाबदेही तय करने के लिए संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और ईपीसी ठेकेदार को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर सख्त लहजे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। एनएचएआई ने इस हादसे के पीछे की मुख्य वजहों का खुलासा किया है।
एनएचआएई के मुताबिक, हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे के एक खास हिस्से पर भारी मात्रा में पानी जमा हो गया था, जिससे मिट्टी नीचे बैठ गई और सड़क धंस गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वहां का स्थायी ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी प्रणाली) स्थानीय ग्रामीणों के कड़े विरोध के कारण समय पर चालू नहीं किया जा सका था। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बाद अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी सवालों के घेरे में है। सड़क धंसने की तस्वीरों ने निर्माण की गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे “भ्रष्टाचार” और जल्दबाजी का नतीजा बता रहा है, जबकि अब NHAI ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोस्तो गजबे हो रहा है ना खैर दोस्तो इस बीच दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेस वे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि एनएचएआई ने युद्धस्तर पर काम चलाकर प्रभावित जगह की मरम्मत का काम पूरी तरह से मुकम्मल कर लिया है। सड़क को दोबारा मजबूत कर इस मार्ग पर सामान्य यातायात को फिर से बहाल कर दिया गया है। फिलहाल, भविष्य में दोबारा ऐसी जलभराव की स्थिति से बचने के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे एक अस्थायी समानांतर नाला बनाया जा रहा है ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके। एनएचएआई ने साफ शब्दों में कहा है कि देश के राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।