अब पोस्टमास्टर निकला जालसाज! | Haryana | Postman Controversy | Bageshwar | Uttarakhand News

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दोस्तो, क्या अब लोगों की जीवनभर की जमा-पूंजी भी सुरक्षित नहीं रही? क्या जिस डाकघर पर लोग आंख बंद करके भरोसा करते हैं, वहीं अगर फर्जीवाड़े के आरोप सामने आने लगें तो आम आदमी किस पर विश्वास करे? उत्तराखंड में पोस्टमैन से जुड़ा मामला अभी चर्चा में ही था कि अब हरियाणा से पोस्टमास्टर पर खाताधारकों के पैसों में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आखिर कैसे लोगों की जमा रकम में हेराफेरी का आरोप लगा? इसका खुलासा कैसे हुआ? और जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया है? दोस्तो आप ने अपने उत्तराखंड में बाहरी पोस्टमैन की करतूतों को देखा होगा, लोगों के उलझते और मार पीट तरते भी देखा होगा, लेकिन अब ये मामला कुछ नया है। दोस्तो, जिस डाकघर को लोग अपनी जीवनभर की कमाई का सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं, अगर वहीं से खातों से पैसे निकलने की शिकायतें आने लगें तो आखिर आम आदमी भरोसा किस पर करे? क्या अब ग्रामीणों की मेहनत की कमाई भी सुरक्षित नहीं है? और क्या विभाग की लापरवाही ने लोगों के विश्वास को गहरा झटका दिया है? उत्तराखंड में पोस्टमैन से जुड़े मामले की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू ब्लॉक स्थित जाख डाकघर से कथित फर्जी निकासी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खाताधारकों के खातों से उनकी जानकारी के बिना पैसे निकाल लिए गए। आखिर यह पूरा मामला क्या है और जांच में अब तक क्या सामने आया है?

दोस्तो मामला जाख गांव के डाकघर का है, जहां ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कोतवाली श्रीनगर में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। दोस्तो आरोप है कि दो खाताधारकों के खातों से करीब 1 लाख 80 हजार रुपये की कथित अवैध निकासी की गई। एक खाते से करीब 80 हजार रुपये और दूसरे से लगभग 1 लाख रुपये निकाले जाने की बात कही जा रही है। जाख डाकघर में कथित फर्जी निकासी का मामला दो खातों से करीब 1.80 लाख रुपये निकालने का आरोप खाताधारकों ने पुलिस और डाक विभाग से जांच की मांग की। ग्रामीणों में अपनी जमा-पूंजी की सुरक्षा को लेकर चिंता। दोस्तो, शिकायत मिलते ही पौड़ी से डाक विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में खातों में जमा और निकासी से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई। इसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित ब्रांच पोस्टमास्टर और सहायक पोस्टमास्टर को निलंबित कर दिया तथा पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी।

ग्रामीणों का आरोप है कि हरियाणा मूल के ब्रांच पोस्टमास्टर और सहायक पोस्टमास्टर ने खाताधारकों के साथ गंभीर वित्तीय अनियमितताएं कीं। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। अब सिर्फ दो खातों की बात नहीं है। जाख डाकघर के अंतर्गत जाख, दोंदड़ी, चिमनियूं, थापला, संगलदर और असिंगी सहित छह गांवों के करीब 350 खाताधारकों के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। सभी पासबुक और लेन-देन का मिलान किया जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला कितना बड़ा है।दोस्तो इस पूरे मामले ने एक और सवाल खड़ा कर दिया है। जाख के ग्राम प्रधान मनीष रावत का आरोप है कि उनका एटीएम कार्ड समय पर नहीं दिया गया, जबकि वह डाकघर में ही पड़ा था। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पंजीकृत डाक कर्मचारियों ने स्वयं रिसीव कर ली लेकिन संबंधित व्यक्ति तक नहीं पहुंचाई। उनका कहना है कि कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन तब कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। दोस्तो अब पुलिस और डाक विभाग दोनों अपने-अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि कथित फर्जी निकासी कितनी हुई, किसकी जिम्मेदारी बनती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। दोस्तो, सवाल सिर्फ 1 लाख 80 हजार रुपये का नहीं है, सवाल उस भरोसे का है जिसके दम पर गांव का आम आदमी अपनी जिंदगी भर की कमाई डाकघर में जमा करता है। अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह सिर्फ वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ बड़ा खिलवाड़ होगा।