Rahul Gandhi ‘छात्रों की गूंज’ पर सरकार का ब्रेक! | Dehradun | BJP | Congress | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो कांग्रेस के रंग में भंग उस वक्त पड़ गया जब ये खबर निकल कर आई कि देहरादून में कांग्रेस के बड़े नेता राहुल गांधी के कार्यक्रम को परमिशन नहीं मिलने की खबर आई। आखिर ऐसा क्या हुआ कि राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के ठीक तीन दिन पहले सरकार ने कांग्रेस के कार्यक्रम पर ही नहीं, मानों एक बड़े सपने पर रोक लगा दी। तो क्या दोस्तो उत्तराखंड में राहुल गांधी के कार्यक्रम से सिस्टम असहज है?क्या छात्रों से संवाद करने का मंच भी अब राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है? आखिर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को अनुमति क्यों नहीं मिली?क्या यह सिर्फ प्रशासनिक फैसला है, या इसके पीछे सियासी वजहें भी हैं? दोस्तो लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के देहरादून दौरे से जुड़ी बड़ी खबर है, परेड ग्राउंड में राहुल गांधी के प्रस्‍तावित कार्यक्रम को सरकार से इजाजत नहीं मिली है। उनका परेड ग्राउंड में छात्रों से संवाद का कार्यक्रम था। प्रशासन ने इस कार्यक्रम की अब इजाजत नहीं दी है। इसके बाद कांग्रेस नेता दूसरी लोकेशन की तलाश कर रहे हैं। कार्यक्रम से कुछ समय पहले प्रशासन की तरफ से उठाए गए इस कदम से कांग्रेस को झटका लगा है। इस मामले पर अब सियासत गर्म है। देखना ये है कि प्रशासन क्‍या कांग्रेस को इस इवेंट के लिए कोई दूसरी जगह परमिशन देती है या नहीं? लेकिन दोस्तो यहां सवाल ये है कि प्रशासन ने क्या कहते हुए परमिशन को रद्द किया है? दोस्तो प्रशासन ने यह कहते हुए परमिशन देने से इनकार कर दिया है कि परेड ग्राउंड में इतना स्पेस इतना नहीं है कि यहां स्टूडेंट्स काफी तादाद में इकट्ठा हो सके। दोस्तो 48 घंटे पहले जब दिल्ली से सारा साजो सामान वहां पहुंच चुका था, ऐसे में देहरादून प्रशासन की तरफ से अचानक ये फैसला लिए जाने से कांग्रेस के नेता काफी परेशान हो गए हैं और दूसरी लोकेशन तलाशी जारी है। कांग्रेस की तरफ से डीएम से एक बार फिर से रिक्वेस्ट की गई है कि परमिशन दे दी जाए।

वहीं दोस्तो दूसरी ओर सोशल मीडिया में एक पत्रबी तैर रहा है जिसमें ये दावा कांग्रेस कर रही है कि उनको परमिशन मिली है और देहरादून के परेड ग्राउंड में कार्यक्रम के लिए 15,16,17 जुलाई के लिए जमा कराए है 1 लाख 77 हजार रुपये, लेकिन अब खबर ये की अनुमती नहीं दी गई है हालांकि दोस्त पार्टी की तरफ से सरकार पर ये गंभीर आरोप भी लगाया जा रहा है कि पहले परमिशन दे दी गई थी। फीस जमा करा दी गई थी। उसके बाद ही कांग्रेस की तरफ से पोस्‍टर बैनर छपवाए गए थे। 17 जुलाई को राहुल गांधी को देहरादून आना था और कांग्रेस की तरफ से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इसके लिए करवा दिए गए थे कि छात्र उनसे कैसे कॉन्टैक्ट कर सकते हैं। बच्‍चों को लोकेशन बता दी गई थी और छात्रों को जोड़ने के लिए ये पूरा प्रोग्राम किया जा रहा था। इस कार्यक्रम को छात्रों की गूंज नाम दिया गया था, लेकिन अब जब प्रोग्राम परेड ग्राउंड में करने के लिए परमिशन नहीं दी गई है तो कांग्रेस के नेता सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और दूसरी लोकेशन की तलाश में हैं, यहां दोस्तो आपको बता दूं कि, राहुल गांधी 17 जुलाई 2026 को देहरादून में छात्रों की गूंज अभियान के तहत अपने दूसरे बड़े कार्यक्रम में भाग लेने आ रहे हैं। इस अभियान की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से हुई थी। कांग्रेस पार्टी इसे केवल एक संवाद कार्यक्रम नहीं बल्कि सांगठनिक अभियान के रूप में चला रही है। लिहाजा, दोस्तो कांग्रेस की तरफ से अपने सभी प्रकोष्‍ठों से कहा गया है कि वह एनएसयूआई के साथ मिलकर जिला लेवल तक छात्रों तक पहुंचे ताकि उनसे पेपर लीक, भर्ती घोटालों, महंगी एजुकेशन और एजुकेशन व्‍यवस्‍था की कमियों पर बात की जा सके। वहीं दोस्तो देहरादून में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिलने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बता रही है, जबकि प्रशासन और सरकार की ओर से अपने-अपने कारण सामने रखे जा रहे हैं।